NHAI ने हाईवे पर बिटुमिनस कंक्रीट से दो गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाए

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Update: 2026-01-11 15:41 GMT
Delhi दिल्ली: नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने बेंगलुरु-कडप्पा-विजयवाड़ा इकोनॉमिक कॉरिडोर के वनवोलू-वनकरकुंटा सेक्शन पर बिटुमिनस कंक्रीट की पेविंग के क्षेत्र में दो गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड कायम किए हैं। ये रिकॉर्ड हाईवे इंजीनियरिंग में भारत की वैश्विक क्षमताओं को प्रदर्शित करते हैं। इन दो विश्व रिकॉर्ड्स में लगभग 29 लेन-किलोमीटर 24 घंटे के भीतर लगातार बिछाई गई बिटुमिनस कंक्रीट की सबसे लंबी दूरी और 10,000 मीट्रिक टन से अधिक 24 घंटे के भीतर लगातार बिछाई गई बिटुमिनस कंक्रीट की सबसे अधिक मात्रा शामिल है। NHAI ने यह उपलब्धि छह-लेन वाले बेंगलुरु-कडप्पा-विजयवाड़ा हाईवे के पैकेज-2 और पैकेज-3 में पुट्टपर्थी के पास हासिल की। 


केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि NHAI ने हाईवे इंजीनियरिंग में नए
ग्लोबल बेंचमार्क
स्थापित करते हुए इतिहास रच दिया है। उन्होंने बताया कि इस प्रोजेक्ट के तहत कुल 156 लेन-किलोमीटर की लगातार पेविंग और 57,500 मीट्रिक टन बिटुमिनस कंक्रीट बिछाई गई। इस उपलब्धि ने पिछले विश्व रिकॉर्ड 84.4 लेन-किलोमीटर को पीछे छोड़ दिया। NHAI की यह उपलब्धि माइलस्टोन एडवांस्ड मशीनरी, मजबूत लॉजिस्टिक्स, सख्त क्वालिटी कंट्रोल और IIT बॉम्बे जैसे प्रमुख संस्थानों के सहयोग से संभव हुई। इस प्रोजेक्ट में नई तकनीकों और उच्च गुणवत्ता वाले निर्माण मानकों का उपयोग किया गया, जिससे यह सुनिश्चित हुआ कि लंबी दूरी और भारी मात्रा में बिटुमिनस कंक्रीट की लगातार बिछाई गई।
इस प्रोजेक्ट के तहत उच्च-स्तरीय तकनीकी निगरानी और प्रबंधन की मदद से 24 घंटे में लगातार बिटुमिनस कंक्रीट बिछाने का लक्ष्य हासिल किया गया। NHAI ने इसे सस्टेनेबल और लॉन्ग-लास्टिंग हाईवे निर्माण का उदाहरण बताते हुए कहा कि इस प्रकार के रिकॉर्ड से भारत की इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण में क्षमताओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता मिली है। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा, “हाईवे निर्माण में यह उपलब्धि भारत को वैश्विक मानचित्र पर और मजबूत स्थिति प्रदान करती है। यह केवल तकनीकी उपलब्धि नहीं है, बल्कि हमारी लॉजिस्टिक और मैनेजमेंट दक्षताओं का भी परिचायक है।” उन्होंने यह भी बताया कि भविष्य में ऐसे और प्रोजेक्ट्स के माध्यम से भारत के हाईवे नेटवर्क को और अधिक मजबूत और टिकाऊ बनाया जाएगा।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह रिकॉर्ड हाईवे इंजीनियरिंग में नयी मिसाल कायम करता है और इसके जरिए लंबे समय तक टिकाऊ और मजबूत सड़कें बनाने की दिशा में भारत की क्षमताओं का प्रदर्शन होता है। इस प्रोजेक्ट में तकनीकी नवाचार, अत्याधुनिक मशीनरी और सटीक समय प्रबंधन का महत्व काफी बढ़ गया है। इस उपलब्धि से न केवल भारत के हाईवे निर्माण में विश्वस्तरीय मानक स्थापित होंगे, बल्कि इससे भविष्य में देश में लंबी दूरी के सड़क निर्माण और बिटुमिनस कंक्रीट के उपयोग में गुणवत्ता और दक्षता बढ़ाने में मदद मिलेगी।
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