नासिक सिंहस्थ महाकुंभ का भव्य शुभारंभ, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने फहराया धर्मध्वज
धर्मध्वजारोहण
नासिक। महाराष्ट्र के नासिक में शनिवार, 31 अक्टूबर 2026 को सिंहस्थ महाकुंभ के धार्मिक अनुष्ठानों का भव्य शुभारंभ हुआ। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने नासिक के रामकुंड में ध्वज-स्तंभ प्रतिष्ठापन, ध्वज-पूजन और ध्वजारोहण समारोह में हिस्सा लिया। वहीं, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने त्र्यंबकेश्वर स्थित कुशावर्त तीर्थ में धर्मध्वज फहराया। दोनों स्थानों पर दोपहर 12 बजकर 2 मिनट पर ध्वजारोहण किया गया।
गोदावरी नदी के पवित्र तट पर आयोजित समारोह में वैदिक मंत्रोच्चार और शंखनाद के बीच राष्ट्रपति मुर्मू ने धार्मिक अनुष्ठान संपन्न किए। उन्होंने पहले यज्ञकुंड में आहुति दी और इसके बाद गोदावरी नदी तथा धर्मध्वज की पूजा-अर्चना की। इसके पश्चात विधिवत धर्मध्वज फहराकर सिंहस्थ कुंभ पर्व के धार्मिक आयोजन की शुरुआत की।
समारोह में महाराष्ट्र के राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और सुनेत्रा पवार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी, संत-महात्मा और विभिन्न अखाड़ों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। हजारों श्रद्धालु भी इस ऐतिहासिक आयोजन के साक्षी बने। उधर, त्र्यंबकेश्वर में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कुशावर्त तीर्थ पर पूजा-अर्चना की और धर्मध्वज फहराया। इस अवसर पर श्रृंगेरी पीठ के शंकराचार्य विधुशेखर भारती सहित अनेक संतों और धार्मिक प्रतिनिधियों की उपस्थिति रही।
नासिक के रामकुंड में स्थापित मुख्य धर्मध्वज स्तंभ 51 फीट ऊंचा है। इसे पंचधातु से तैयार किया गया है। ध्वज और स्तंभ पर धार्मिक परंपराओं से जुड़े विभिन्न प्रतीक अंकित किए गए हैं। सिंहस्थ कुंभ का आयोजन नासिक और त्र्यंबकेश्वर में लगभग प्रत्येक 12 वर्ष में होता है। इस बार 31 अक्टूबर 2026 को ध्वजारोहण के साथ शुरू हुआ कुंभ पर्व जुलाई 2028 तक चलेगा। हालांकि, प्रमुख अमृत स्नान वर्ष 2027 में आयोजित किए जाएंगे।
आयोजन को देखते हुए महाराष्ट्र सरकार और स्थानीय प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा, यातायात व्यवस्था, स्वच्छता और बुनियादी सुविधाओं को लेकर तैयारियां शुरू कर दी हैं। इस अवसर पर गोदावरी आरती और अन्य धार्मिक कार्यक्रम भी निर्धारित किए गए हैं। करीब 6,500 आदिवासी समुदाय के सदस्यों की भागीदारी से विशेष महागोदा आरती आयोजित करने की योजना है। नासिक और त्र्यंबकेश्वर में धर्मध्वजारोहण के साथ ही सिंहस्थ महाकुंभ की धार्मिक गतिविधियों का औपचारिक आगाज हो गया है। आने वाले महीनों में देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है।