नई दिल्ली: बीजेपी नेता और केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा ने बुधवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की कड़ी आलोचना की। उन्होंने खड़गे पर गृह मंत्री अमित शाह और मतदाता सूची से जुड़े बयानों को लेकर झूठ बोलने का आरोप लगाया।
नड्डा ने जोर देकर कहा कि शाह ने कभी भी 13.39 करोड़ भारतीयों को "घुसपैठिया" नहीं कहा। एक पोस्ट में, उन्होंने मतदाता सूची के मसौदे (ड्राफ्ट) पर चुनाव आयोग का पक्ष स्पष्ट किया।
उन्होंने बताया कि 13.39 करोड़ नामों की सूची कोई अंतिम 'बाहर किए गए लोगों की सूची' नहीं थी, बल्कि इन्हें 'अनुपस्थित/स्थान बदलने वाले/मृत/डुप्लिकेट' (ASDD) श्रेणी में रखा गया था। उनके अनुसार, इस आंकड़े में 2.80 करोड़ मृतक, 6.30 करोड़ ऐसे लोग जो स्थायी रूप से कहीं और चले गए हैं, 3.01 करोड़ अनुपस्थित लोग और 1.02 करोड़ डुप्लिकेट नाम शामिल थे।
नड्डा ने उन दावों को खारिज कर दिया जिनमें बीजेपी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता को 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (SIR) प्रक्रिया से जोड़ा जा रहा था। उन्होंने कहा कि SIR प्रक्रिया तो 2024 के बाद लागू हुई है, जबकि कांग्रेस गुजरात में 31 सालों से, त्रिपुरा में 33 सालों से और पश्चिम बंगाल में 54 सालों से चुनाव नहीं जीत पाई है।
उन्होंने कहा कि बिहार, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में मतदाताओं द्वारा कांग्रेस को नकारना इस बात को दर्शाता है कि पार्टी ने जनता का भरोसा खो दिया है। इस भरोसे को "भ्रामक प्रचार और नकारात्मक राजनीति" के जरिए वापस नहीं पाया जा सकता।
नड्डा ने राहुल गांधी और कांग्रेस से आग्रह किया कि वे SIR का इस्तेमाल "घुसपैठियों को बचाने और भ्रम फैलाने के बहाने" के रूप में करने के बजाय, लोगों का विश्वास जीतने पर ध्यान दें।
सत्ताधारी गठबंधन पर अपना भरोसा जताते हुए, केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जनता का विश्वास प्रधानमंत्री मोदी, बीजेपी और NDA के साथ है। उन्होंने भविष्यवाणी की कि 2029 में NDA भारी बहुमत के साथ सरकार बनाएगा, जबकि कांग्रेस को लगातार चौथी बार राष्ट्रीय स्तर पर हार का सामना करना पड़ेगा।
उन्होंने कहा, "सिर्फ आरोप लगाने से जनता के जनादेश की सच्चाई नहीं बदली जा सकती।" ये टिप्पणियां मतदाता सूची में संशोधन को लेकर चल रही राजनीतिक बहस और ASDD श्रेणियों के तहत मतदाताओं की पहचान से जुड़े आरोपों के बीच आई हैं।
नड्डा का यह बयान कांग्रेस के दावों का जवाब देने और प्रमुख राज्यों में चुनावी शुचिता तथा चुनावी प्रदर्शन को लेकर भाजपा के नजरिए को फिर से स्पष्ट करने के उद्देश्य से दिया गया है।