मेरठ: मेरठ की चौधरी चरण सिंह जिला कारागार में रविवार को अहोई अष्टमी का पर्व कुछ अलग माहौल में मनाया जाएगा। जेल में बंद 20 से अधिक महिला बंदियों ने अपने बच्चों की लंबी उम्र और अच्छे स्वास्थ्य की कामना के लिए व्रत रखने की इच्छा जताई है। इनमें ऐसे नाम भी शामिल हैं, जो अपने पतियों की हत्या के मामलों में जेल में बंद हैं और अदालत से मृत्युदंड की सजा पा चुकी हैं। इन महिलाओं ने जेल प्रशासन से पूजा के लिए जरूरी सामान उपलब्ध कराने की मांग की थी। जेल प्रशासन के मुताबिक, व्रत रखने की इच्छा जताने वाली महिलाओं को पूजा-पाठ की सामग्री दे दी गई है। इनमें मुस्कान, रविता और दामिनी भी शामिल हैं। तीनों अलग-अलग चर्चित हत्याकांडों में आरोपियों के रूप में जेल में बंद हैं।
मुस्कान अपनी दोनों बेटियों के लिए रखेगी व्रत
मेरठ के ब्रह्मपुरी क्षेत्र के इंदिरा नगर निवासी सौरभ राजपूत की हत्या के मामले में मुस्कान जेल में बंद है। इस मामले में उसे और उसके प्रेमी साहिल को मृत्युदंड की सजा सुनाई जा चुकी है। अहोई अष्टमी पर मुस्कान ने अपनी दोनों बेटियों की लंबी उम्र के लिए उपवास रखने का फैसला किया है। मुस्कान का मामला पहले भी काफी चर्चा में रहा है। अब जेल में रहते हुए बच्चों के लिए व्रत रखने की उसकी इच्छा सामने आई है। पूजा के लिए उसने जेल प्रशासन से जरूरी सामग्री मांगी थी, जिसे उपलब्ध करा दिया गया है।
रविता भी बच्चों की सलामती के लिए करेगी पूजा
बहसूमा क्षेत्र में पति अमित की हत्या के मामले में रविता जेल में बंद है। इस मामले में उसे अपने प्रेमी अमरदीप के साथ मृत्युदंड की सजा मिली है। रविता ने भी अहोई अष्टमी का व्रत रखने की इच्छा जताई है। वह अपने बच्चों की लंबी उम्र और खुशहाल जीवन की कामना के लिए पूजा करेगी। जेल में बंद होने के बावजूद धार्मिक परंपरा निभाने की उसकी तैयारी है। जेल प्रशासन ने उसकी मांग पर भी पूजा की सामग्री उपलब्ध कराई है।
दामिनी ने बेटे के लिए मांगी पूजा सामग्री
हस्तिनापुर में पति अतुल पंवार की हत्या के मामले में आरोपी दामिनी भी अहोई अष्टमी का व्रत रखेगी। वह अपने प्रेमी तुषार के साथ इस मामले में जेल में बंद है। दामिनी ने अपने बेटे के लिए व्रत रखने की इच्छा जताते हुए पूजा सामग्री मांगी थी। इस तरह मेरठ जेल में बंद तीनों महिलाएं अपने-अपने बच्चों के लिए अहोई अष्टमी की धार्मिक परंपरा निभाएंगी। इनके अलावा अन्य महिला बंदी भी संतान की लंबी उम्र और स्वास्थ्य के लिए उपवास रखेंगी।
जेल प्रशासन ने उपलब्ध कराई पूजा की सामग्री
चौधरी चरण सिंह जिला कारागार के वरिष्ठ जेल अधीक्षक डॉ. वीरेश राज शर्मा ने बताया कि 20 से अधिक महिला बंदियों ने अहोई अष्टमी का व्रत रखने की इच्छा जताई है। सभी को पूजा-पाठ के लिए जरूरी सामग्री मुहैया करा दी गई है। जेल प्रशासन की ओर से महिलाओं को धार्मिक परंपराओं के अनुसार पूजा करने की सुविधा दी गई है। रविवार को वे जेल परिसर में ही अहोई माता की पूजा करेंगी और संतान की खुशहाली के लिए प्रार्थना करेंगी।
शाम को तारों को अर्घ्य देकर पूरा होगा व्रत
अहोई अष्टमी का व्रत माताएं अपनी संतान की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और सुख-समृद्धि की कामना के लिए रखती हैं। परंपरा के अनुसार महिलाएं दिनभर उपवास करती हैं और शाम को अहोई माता की पूजा के बाद तारों को अर्घ्य देकर व्रत पूरा करती हैं।
इस बार रविवार को अहोई अष्टमी के साथ रवि पुष्य नक्षत्र का संयोग भी बताया गया है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, शाम 5 बजे से 6 बजकर 45 मिनट तक तारों की पूजा और अर्घ्य देने का शुभ समय रहेगा। धार्मिक मान्यताओं में इस दिन माता पार्वती की पूजा का भी विशेष महत्व माना जाता है। जेल में बंद महिला बंदियां भी इसी परंपरा के तहत अपने बच्चों के लिए प्रार्थना करेंगी।
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