बिजनौर: उत्तर प्रदेश के जनपद बिजनौर के नहटौर थाना क्षेत्र के ग्राम सदरुद्दीन नगर में करीब तीन महीने पहले हुई एक व्यक्ति की मौत का मामला अब नए और गंभीर मोड़ पर पहुंच गया है. जमीन विवाद और हत्या के आरोपों के बीच प्रशासन ने मृतक का शव तीन महीने बाद कब्र से निकलवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. इस कार्रवाई के बाद पूरे इलाके में मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई है और अब सभी की निगाहें पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी हैं, जो मौत की असली वजह का खुलासा कर सकती है.
जानकारी के अनुसार उत्तराखंड निवासी इशरत जहां का विवाह लगभग 30 वर्ष पूर्व सदरुद्दीन नगर निवासी जुल्फकार के साथ हुआ था. परिवार के अनुसार करीब तीन महीने पहले गांव का ही एक युवक शादाब, जुल्फकार को अपने साथ लेकर गया था. आरोप है कि अगले दिन वही युवक जुल्फकार को मृत अवस्था में घर लेकर पहुंचा. अचानक हुई मौत से परिवार सदमे में था और मौत के कारणों को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी भी नहीं दी गई. इसके बाद मुस्लिम रीति-रिवाज के अनुसार जुल्फकार को दफना दिया गया.
समय बीतने के साथ मृतक की पत्नी इशरत जहां को पति की मौत पर संदेह होने लगा. उनका आरोप है कि कुछ लोग लंबे समय से परिवार की जमीन पर नजर लगाए हुए थे और इसी लालच में उनके पति को शराब पिलाकर उनकी हत्या कर दी गई. महिला ने थाना नहटौर में शिकायत देकर शादाब समेत अन्य लोगों पर गंभीर आरोप लगाए और निष्पक्ष जांच की मांग की.
इशरत जहां का कहना है कि यदि उनके पति की मौत स्वाभाविक थी तो परिवार को मौत के कारणों के बारे में स्पष्ट जानकारी क्यों नहीं दी गई. इसी संदेह के आधार पर उन्होंने प्रशासन से मामले की गहन जांच कराने की मांग की. शिकायत को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने कानूनी प्रक्रिया शुरू की.
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए उपजिलाधिकारी के आदेश पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में करीब तीन महीने बाद जुल्फकार का शव कब्र से बाहर निकलवाया गया. पूरी प्रक्रिया कानून के निर्धारित प्रावधानों के तहत संपन्न कराई गई. शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया ताकि चिकित्सकीय और वैज्ञानिक जांच के आधार पर मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके.
कब्र से शव निकाले जाने की कार्रवाई के दौरान मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा. प्रशासन ने शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक इंतजाम भी किए. ग्रामीण भी बड़ी संख्या मौके पर मौजूद रहे और पूरे घटनाक्रम को लेकर लोगों में उत्सुकता दिखाई दी.
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है. मृतक की संपत्ति, जमीन संबंधी विवाद, शिकायत में नामजद लोगों की भूमिका तथा मौत से पहले की परिस्थितियों की पड़ताल की जा रही है. अधिकारियों के अनुसार पोस्टमार्टम रिपोर्ट जांच की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी साबित होगी और उसी के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी.
गांव में इस घटना को लेकर चर्चाओं का माहौल बना हुआ है. एक पक्ष इसे जमीन विवाद से जुड़ी संभावित साजिश मान रहा है, जबकि दूसरे पक्ष का कहना है कि जांच पूरी होने तक किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा. ग्रामीणों और परिजनों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा है कि यदि हत्या की पुष्टि होती है तो दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए.