भुवनेश्वर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में अपने संबोधन के दौरान केंद्र सरकार की योजनाओं की उपलब्धियों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के माध्यम से 13 करोड़ लोग पहली बार उद्यमी बने हैं। वहीं, अटल पेंशन योजना के जरिए देश के करोड़ों लोगों को सामाजिक सुरक्षा का लाभ मिला है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मुद्रा योजना ने ऐसे लोगों को अपना व्यवसाय शुरू करने का अवसर दिया है, जो पहले उद्यमिता के क्षेत्र में कदम नहीं रख पाए थे। इस योजना के माध्यम से लोगों को आर्थिक गतिविधियों से जुड़ने और स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर मिला है।
उन्होंने अटल पेंशन योजना का जिक्र करते हुए बताया कि इस योजना के तहत 9 करोड़ लोगों को सामाजिक सुरक्षा कवरेज मिला है। प्रधानमंत्री के अनुसार, अकेले ओडिशा में ही इस योजना के दायरे में 38 लाख लोग शामिल हैं। यह योजना लोगों को भविष्य के लिए आर्थिक सुरक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित की जा रही है।
‘नागरिक देवो भव:’ सुशासन का मंत्र
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में सुशासन के महत्व पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा, “हमारे लिए नागरिक देवो भव: ही सुशासन का मंत्र है।” उनके इस कथन का जोर नागरिकों को प्राथमिकता देने और उनकी जरूरतों के अनुरूप शासन व्यवस्था संचालित करने पर रहा।
प्रधानमंत्री ने अपने वक्तव्य में मुद्रा योजना और अटल पेंशन योजना के आंकड़ों के जरिए बताया कि सरकारी योजनाएं उद्यमिता और सामाजिक सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में लोगों तक पहुंच बनाने का माध्यम बनी हैं। मुद्रा योजना स्वरोजगार को प्रोत्साहित करने पर केंद्रित है, जबकि अटल पेंशन योजना भविष्य के लिए पेंशन संबंधी सुरक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की गई है।
ओडिशा में अटल पेंशन योजना के तहत 38 लाख लोगों के कवरेज का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने राज्य में योजना की पहुंच को रेखांकित किया। उनके संबोधन में आर्थिक अवसर बढ़ाने, सामाजिक सुरक्षा मजबूत करने और नागरिक-केंद्रित शासन व्यवस्था को प्रमुखता दी गई।
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