माँ और बच्चे का दिल्ली मेट्रो में भावुक मिलन
CISF और मेट्रो कर्मचारियों की मेहनत रंग लाई
CISF और मेट्रो कर्मचारियों की मेहनत आखिर रंग लाई और बिछड़ा बच्चा सुरक्षित अपने माता-पिता तक पहुंच गया। बच्चा काफी छोटा था। उसे घर का पता मालूम था, लेकिन मोबाइल नंबर याद नहीं था। वह केवल अपने माता-पिता का नाम बता पा रहा था। कर्मचारियों ने बच्चे की देखभाल की, उसे शांत कराया और लगातार कोशिश कर उसके परिवार का पता लगाया। माता-पिता के स्टेशन पहुंचने के बाद बच्चे को सुरक्षित उनके सुपुर्द कर दिया गया। पुलिस ने परिवार को समझाइश दी कि बच्चों को माता-पिता का नाम, घर का पता और कम से कम एक मोबाइल नंबर जरूर याद करवाएं।
Delhi दिल्ली: दिल्ली मेट्रो में एक भावुक मामला सामने आया, जहां दो मेट्रो स्टेशनों के बीच बिछड़ा एक छोटा बच्चा आखिरकार अपने माता-पिता की बाहों में पहुंच गया। बच्चे को सुरक्षित परिवार तक पहुंचाने में CRPF और मेट्रो कर्मचारियों की सतर्कता और लगातार प्रयास अहम साबित हुए। मामला ओखला बर्ड सेंचुरी मेट्रो स्टेशन का है। यहां एक बच्चे के लापता होने की सूचना मिलने के बाद स्टेशन पर तैनात रोशन कुमार को प्लेटफॉर्म पर एक छोटा बच्चा अकेला रोता हुआ मिला। बच्चा डरा हुआ था और अपने परिवार से अलग हो चुका था।
रोशन कुमार ने बच्चे को शांत कराया और उससे घर का पता, माता-पिता का नाम और मोबाइल नंबर पूछने की कोशिश की। लेकिन बच्चा इतना छोटा था कि उसे इनमें से कोई भी जानकारी ठीक से याद नहीं थी। वह यह भी नहीं बता पा रहा था कि उसका घर कहां है या वह किस स्टेशन से आया है। इसके बाद मेट्रो कर्मचारियों और सुरक्षा कर्मियों ने बच्चे के परिवार का पता लगाने की कोशिश शुरू की। अलग-अलग स्टेशनों पर सूचना साझा की गई और यह पता लगाने का प्रयास किया गया कि कहीं किसी स्टेशन पर माता-पिता अपने बच्चे को तलाश तो नहीं कर रहे हैं।
कुछ समय बाद जानकारी मिली कि एक परिवार अपने बच्चे के गायब होने की सूचना देकर उसे लगातार तलाश रहा है। इसके बाद दोनों ओर से जानकारी का मिलान किया गया। बच्चे की पहचान की पुष्टि होने के बाद उसे सुरक्षित उसके माता-पिता के पास पहुंचाया गया। जैसे ही बच्चा अपने माता-पिता के सामने पहुंचा, वहां मौजूद लोगों के लिए यह पल बेहद भावुक हो गया। बच्चे ने माता-पिता को देखते ही उनकी ओर बढ़कर उन्हें गले लगा लिया। परिवार ने भी राहत की सांस ली और सुरक्षा तथा मेट्रो कर्मचारियों का आभार जताया।
पूरे घटनाक्रम में CRPF और मेट्रो कर्मचारियों की तत्परता ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। बच्चे के पास परिवार से जुड़ी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं होने के बावजूद टीम ने हार नहीं मानी और लगातार संपर्क तथा समन्वय के जरिए उसके माता-पिता तक पहुंचने में सफलता हासिल की। इस घटना ने एक बार फिर दिखाया कि सार्वजनिक स्थानों पर तैनात सुरक्षा और मेट्रो कर्मचारियों की सतर्कता किस तरह मुश्किल परिस्थिति में बड़ी मदद साबित हो सकती है। कुछ घंटों की चिंता और तलाश के बाद आखिरकार परिवार को उसका बच्चा सुरक्षित मिल गया। माता-पिता और बच्चे के भावुक मिलन ने स्टेशन पर मौजूद लोगों को भी भावुक कर दिया। CRPF और मेट्रो कर्मचारियों की कोशिश रंग लाई और एक परिवार की चिंता खुशी में बदल गई।