नई दिल्ली: ऑल्ट न्यूज के को-फाउंडर और फैक्ट चेकर मोहम्मद जुबैर की गिरफ्तारी के बाद दिल्ली पुलिस की तरफ से बड़ी जानकारी सामने आ रही है. पुलिस का दावा है कि जुबैर के अकाउंट में पिछले 3 महीने में 50 लाख से ज्यादा रुपए आए हैं. पुलिस इस ट्रांजेक्शन की जांच करेगी. पुलिस का कहना है कि जांच में ये पता किया जाएगा कि पिछले महीनों में जुबैर को किस-किस UPI आईडी से पैसे डाले गए हैं. उनका क्या बैकग्राउंड है.
बता दें कि दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने फैक्ट चेकर मोहम्मद जुबैर को धार्मिक भावनाएं भड़काने के आरोप में गिरफ्तार किया है. दिल्ली पुलिस की IFSO यूनिट ने सेक्शन 153 ए और 295 ए के तहत उन्हें अरेस्ट किया है. ये गिरफ्तारी सोमवार (27 जून) की गई जिसके बाद कोर्ट से एक दिन की पुलिस कस्टडी में भेजा गया.
आजतक की रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली पुलिस की साइबर सेल यूनिट के सूत्रों के मुताबिक, जुबैर को पैसे किसने डाले और इसका इस्तेमाल किस लिए किया गया, यह भी पता किया जाएगा. पुलिस का कहना है कि इनपुट्स ये भी मिला है कि जुबैर को काफी डोनेशन मिला है, वो किसने दिया और किस मकसद से दिया गया है, इसकी जांच भी की जाएगी.
पुलिस ने कहा है कि डोनेशन की रिकवरी के लिए पुलिस आगे कस्टडी की मांग भी करेगी. इस संबंध में IFSO यूनिट के DCP केपीएस मल्होत्रा ने कहा कि पुलिस फिर से जुबैर की कस्टडी बढ़ाने की मांग करेगी. हमें कुछ इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस प्राप्त करने के लिए जुबैर को दिल्ली से बाहर ले जाना होगा. उन्होंने कहा कि हमारे पास इस बात के सबूत हैं कि पिछले कुछ दिनों में जुबैर के खाते से 50 लाख रुपए से ज्यादा का लेनदेन हुआ है, इसकी जांच की जा रही है.
डीसीपी मल्होत्रा ने ये भी साफ किया है कि जुबैर की गिरफ्तारी का नूपुर शर्मा मामले में कोई लेना-देना नहीं है. उन्होंने कहा कि हमने उन्हें 41ए के तहत नोटिस दिया था और सोमवार को कोर्ट ने इसे स्वीकार कर लिया है. डीसीपी का कहना था कि भले ही उन्होंने अपने ट्वीट में मूवी ग्रैब का इस्तेमाल किया हो, लेकिन HC के एक फैसले में ये कहा गया है कि आप जो भी ट्वीट या कोट करते हैं, उसके जिम्मेदार आप खुद होंगे.
जुबैर को 2018 के एक ट्वीट के लिए गिरफ्तार किया गया है. पुलिस ने उन पर धारा 153 और 295 के तहत केस दर्ज किया है. बता दें कि मोहम्मद जुबैर ने नूपुर शर्मा का टीवी डिबेट वाला वीडियो शेयर किया था, जिसके बाद इस मामले ने तूल पकड़ लिया था.