Delhi दिल्ली: राजधानी दिल्ली में आयोजित ‘करम मिलन समारोह’ में केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता समेत कई गणमान्य लोग शामिल हुए। कार्यक्रम में आदिवासी समाज की संस्कृति, परंपरा और पहचान को लेकर चर्चा की गई। समारोह में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू, केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह, केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री जुएल ओराम और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने हिस्सा लिया।
कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने आदिवासी समाज की पहचान और संस्कृति के संरक्षण को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज की पहचान के लिए लंबे समय से प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब कोई साथी आदिवासी समाज के लिए इस तरह का आयोजन करता है तो उन्हें गर्व महसूस होता है। किरेन रिजिजू ने कहा कि आदिवासी समुदाय देश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उनकी परंपराएं, रीति-रिवाज और जीवनशैली भारत की विविधता को दर्शाते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम समाज को अपनी जड़ों और संस्कृति से जोड़ने का काम करते हैं।
समारोह में मौजूद नेताओं ने आदिवासी समाज के योगदान और उनकी परंपराओं को सम्मान देने की बात कही। वक्ताओं ने कहा कि देश के विकास में जनजातीय समुदायों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है और उनकी संस्कृति का संरक्षण जरूरी है। केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री जुएल ओराम ने भी कार्यक्रम में भाग लिया। उन्होंने आदिवासी समाज से जुड़े मुद्दों और उनकी संस्कृति को आगे बढ़ाने के महत्व पर चर्चा की।
वहीं, केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की मौजूदगी ने कार्यक्रम को विशेष बनाया। कार्यक्रम में आदिवासी परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित किया गया। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता भी ‘करम मिलन समारोह’ में शामिल हुईं। उन्होंने कार्यक्रम में आदिवासी समाज की संस्कृति और परंपराओं के प्रति सम्मान व्यक्त किया। कार्यक्रम के दौरान लोगों ने पारंपरिक गतिविधियों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आनंद लिया। आयोजन का उद्देश्य आदिवासी समाज की संस्कृति, विरासत और सामाजिक योगदान को सामने लाना बताया गया।
नेताओं ने कहा कि समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर ही देश का विकास संभव है। आदिवासी समुदायों की पहचान, सम्मान और विकास के लिए लगातार प्रयास किए जाने की जरूरत है। ‘करम मिलन समारोह’ में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए और आदिवासी संस्कृति की झलक देखने को मिली। कार्यक्रम ने सामाजिक एकजुटता और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण का संदेश दिया।
Tags: