इम्फाल: जांच एजेंसी NIA ने PLA और MNPF के 10 वांटेड आतंकियों पर इनाम घोषित किया है. इन आतंकियों की जानकारी देने वालों को 4 लाख से 8 लाख रुपए तक का इनाम दिया जाएगा. ये आतंकी मणिपुर में 46 असम राइफल्स के जवानों पर हमले वांटेड हैं. पिछले साल नवंबर में मणिपुर में हुए इस हमले में 7 लोगों ने अपनी जान गंवा दी थी.

दरअसल, मणिपुर के चुराचांदपुर जिले के सिंघाट में आतंकियों ने इस हमले को अंजाम दिया था. आतंकियों ने 46 असम राइफल्स के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल विप्लव त्रिपाठी को निशाना बनाया था. उनके काफिले पर आतंकियों ने जानलेवा किया था. कर्नल विप्लव त्रिपाठी फॉरवर्ड कैंप से वापस लौट रहे थे. उस समय उनके काफिले में उनका परिवार भी मौजूद था. लेकिन क्योंकि आतंकियों को उनकी मूवमेंट की पूरी जानकारी थी, ऐसे में एक तय रणनीति के तहत सिंघाट में उनके काफिले को निशाना बनाया गया.
ये घटना चुराचांदपुर जिले के सिंघट में हुई जो म्यांमार बॉर्डर से सटा हुआ इलाका है. यहीं पर उग्रवादियों ने असम राइफल्स के काफिले पर घात लगाकर IED अटैक किया था. इसके बाद काफिले पर फायरिंग कर दी. इस हमले में 5 जवान शहीद हुए थे, जबकि 6 जवान बुरी तरह जख्मी हो गए थे. वहीं, इस हमले में कर्नल विप्लव त्रिपाठी के परिवार के दो सदस्यों की मौत हो गई थी.
कौन थे शहीद कर्नल त्रिपाठी?
शहीद कर्नल त्रिपाठी की बात करें तो वे छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के रहने वाले थे. 41 वर्ष के कर्नल त्रिपाठी ने रीवा सैनिक स्कूल से पढ़ाई की थी. उन्हें डिफेंस स्टडी में M.SC. करने के बाद सेना में प्रमोशन मिला था. कर्नल त्रिपाठी के दादा डॉ. किशोरी मोहन त्रिपाठी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थे और उनके छोटे भाई अनिल त्रिपाठी सेना में लेफ्टिनेंट कर्नल हैं.
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