कूनो में बड़ा झटका, चीता KGP12 के चारों शावकों की मौत

कूनो में चीता संरक्षण अभियान को बड़ा झटका

Update: 2026-05-12 15:50 GMT
Madhya Pradesh मध्य प्रदेश: Kuno National Park से मंगलवार को बेहद दुखद खबर सामने आई। प्रोजेक्ट चीता के तहत संरक्षित मादा चीता ‘KGP12’ के चारों नवजात शावक मृत पाए गए हैं। शावकों की उम्र करीब एक महीने बताई गई है। इस घटना के बाद वन्यजीव प्रेमियों और अधिकारियों में चिंता बढ़ गई है।
जानकारी के मुताबिक, चीता मॉनिटरिंग टीम मंगलवार सुबह गश्त पर थी। इसी दौरान श्योपुर टेरिटोरियल डिवीजन के जंगल क्षेत्र में मांद के पास चारों शावकों के शव मिले। वन विभाग के अनुसार शव आंशिक रूप से खाए हुए थे, जिससे तेंदुआ, लकड़बग्घा या किसी अन्य शिकारी जानवर के हमले की आशंका जताई जा रही है। सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
वन विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार, इन शावकों का जन्म 11 अप्रैल 2026 को हुआ था। सोमवार शाम तक मॉनिटरिंग टीम ने उन्हें सुरक्षित देखा था, लेकिन मंगलवार सुबह सभी मृत मिले। हालांकि मादा चीता KGP12 सुरक्षित बताई जा रही है और उस पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। घटना के बाद पूरे इलाके में गश्त और मॉनिटरिंग बढ़ा दी गई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि खुले जंगल में जन्म लेने वाले चीता शावकों के शुरुआती तीन महीने बेहद
संवेदनशील
होते हैं। इस दौरान वे खुद की सुरक्षा नहीं कर पाते और शिकारी जानवरों का खतरा बना रहता है। भारत में प्रोजेक्ट चीता के तहत अभी कुल 53 चीते मौजूद हैं। इनमें 50 कूनो नेशनल पार्क और 3 गांधी सागर अभयारण्य में हैं। इनमें से 33 चीतों का जन्म भारत में हुआ है।
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