ड्रग्स नेटवर्क का बड़ा भंडाफोड़, 13.89 करोड़ का नशीला पदार्थ जब्त, 3 आरोपी गिरफ्तार
महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश तक जुड़े हो सकते हैं तार
गुजरात। गुजरात के वलसाड जिले में पुलिस ने नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। जिला पुलिस, स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG), गुजरात एएनडब्ल्यू और डुंगरा पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में करीब 2,778 किलोग्राम संदिग्ध नशीला पदार्थ जब्त किया गया है। जब्त सामग्री की अनुमानित कीमत लगभग 13.89 करोड़ रुपये बताई गई है। इस मामले में अब तक तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
तीन ठिकानों पर छापेमारी, भारी मात्रा में नशीला पदार्थ बरामद
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पुलिस टीमों ने वापी में तीन अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी की। इस दौरान भारी मात्रा में संदिग्ध नशीली गोलियां और अन्य सामग्री बरामद होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस ने जब्त पदार्थों को एनडीपीएस अधिनियम के तहत जांच के दायरे में लिया है। इतनी बड़ी मात्रा में संदिग्ध नशीला पदार्थ मिलने के बाद जांच एजेंसियां इसके स्रोत और आपूर्ति नेटवर्क का पता लगाने में जुटी हैं।
एसपी युवराजसिंह जडेजा ने दी जानकारी
वलसाड के पुलिस अधीक्षक युवराजसिंह जडेजा ने बताया कि गुजरात एएनडब्ल्यू, एसओजी और डुंगरा पुलिस ने अलग-अलग अभियानों में कुल 2,778 किलोग्राम संदिग्ध नशीले पदार्थ जब्त किए हैं। उन्होंने कहा कि जब्त सामग्री की कुल अनुमानित कीमत करीब 13.89 करोड़ रुपये है। प्रारंभिक जांच में इस नेटवर्क के तार महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश से जुड़े होने की संभावना सामने आई है।
महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश तक जुड़े हो सकते हैं तार
पुलिस की शुरुआती जांच में संकेत मिले हैं कि नशीले पदार्थों की आपूर्ति का नेटवर्क गुजरात के अलावा अन्य राज्यों तक फैला हो सकता है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि इतनी बड़ी मात्रा में संदिग्ध नशीला पदार्थ कहां से लाया गया और इसकी आपूर्ति किन लोगों तक की जानी थी। हालांकि, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश से संबंध होने की बात अभी जांच के शुरुआती चरण में है। पुलिस ने इन संभावित संबंधों की अंतिम पुष्टि नहीं की है।
तीन आरोपी गिरफ्तार, आगे की जांच जारी
इस मामले में अब तक तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस अन्य संभावित सहयोगियों और तस्करी से जुड़े संपर्कों की पहचान करने में जुटी है। जांच में यह भी पता लगाया जाएगा कि जब्त पदार्थों की वास्तविक प्रकृति क्या है और इसके वितरण में किन लोगों की भूमिका रही है। पुलिस की इस कार्रवाई को नशीले पदार्थों की अवैध आपूर्ति रोकने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, जब्त पदार्थों की अंतिम रासायनिक पहचान के लिए परीक्षण संबंधी पुष्टि आवश्यक होगी।