सूडान में जारी गृहयुद्ध के बीच एक भीषण ड्रोन हमले में 100 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है, जबकि 113 लोग घायल हुए हैं. यह हमला दक्षिण-पश्चिमी सूडान के दक्षिण दारफुर प्रांत की राजधानी न्याला (Nyala) के एक व्यस्त बाजार में हुआ. देश में हिंसा की निगरानी करने वाले मानवाधिकार संगठन इमरजेंसी लॉयर्स ने मंगलवार को जारी बयान में इस हमले के लिए सूडानी सेना को जिम्मेदार ठहराया है.
संगठन के मुताबिक, ड्रोन हमला सोमवार शाम को हुआ था. इसमें मारे गए और घायल हुए लोगों में बड़ी संख्या महिलाओं और बच्चों की है. संगठन ने बाजार पर हुए इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए स्वतंत्र जांच की मांग की है.
मानवाधिकार संगठन इमरजेंसी लॉयर्स ने अपने बयान में कहा कि इस हमले ने आम नागरिकों के बाजार को सामूहिक हत्याओं और घायलों के भयावह दृश्य में बदल दिया. संगठन ने कहा, 'इस नरसंहार ने नागरिकों के बाजार को सामूहिक मौतों और घायलों के स्थल में बदल दिया. यह ऐसा हमला है, जो स्थानीय निवासियों की जिंदगी के लिए खतरा पैदा करता है और पहले से जारी युद्ध के बीच उनकी पीड़ा को और बढ़ाता है.'
अंतरराष्ट्रीय चिकित्सा संगठन डॉक्टर्स विदाउट बॉर्डर्स (Médecins Sans Frontières-MSF) ने इससे पहले बताया कि न्याला स्थित उसके अस्पताल में 36 शव लाए गए थे. वहीं, अस्पताल के इमरजेंसी विभाग में 150 घायल लोग पहुंचे थे. दक्षिण दारफुर की राजधानी न्याला फिलहाल अर्धसैनिक संगठन रैपिड सपोर्ट फोर्सेज (RSF) के नियंत्रण में है. यह संगठन अप्रैल 2023 से सूडानी सेना के खिलाफ युद्ध लड़ रहा है.