त्योहारों से पहले खोये में मिलावट पर बड़ा प्रहार, FIR दर्ज
पढ़ें पूरी खबर.
कानपुर/लखनऊ: आगामी त्योहारों को देखते हुए दूध और दुग्ध उत्पादों, खासकर खोया में मिलावटखोरी के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) ने कानपुर देहात और कानपुर नगर में बड़ा प्रवर्तन अभियान चलाया। आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन डॉ रोशन जैकब के निर्देश और अपर आयुक्त रेखा एस. चौहान के प्रभावी पर्यवेक्षण में प्रदेश स्तरीय 24 प्रवर्तन टीमों ने विभिन्न खोया निर्माण इकाइयों और प्रमुख खोया मंडियों में सघन निरीक्षण किया।
अभियान के दौरान मिलावट में इस्तेमाल होने वाली संदिग्ध सामग्री बरामद हुई, बड़ी मात्रा में खोया नष्ट कराया गया और कानपुर देहात में एक मामले के तहत एफआईआर भी दर्ज कराई गई। पूरे संयुक्त अभियान में कुल 28 खाद्य नमूने जांच के लिए संग्रहित किए गए। करीब 1.50 लाख रुपये मूल्य की खाद्य सामग्री और अपमिश्रकों को नष्ट कराया गया। अपमिश्रक के इस्तेमाल के मामले में एक व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई, जबकि तीन खाद्य कारोबारियों के खाद्य पंजीकरण पर निलंबन अथवा निरस्तीकरण की कार्रवाई की गई।
कानपुर देहात के रसूलाबाद क्षेत्र के ग्राम बादशाहपुर में खोया निर्माण इकाई के निरीक्षण के दौरान टीम को क्रीम निकालने की मशीन, खोया भट्ठियां, स्किम्ड मिल्क पाउडर (एसएमपी), और हाइड्रोजन परॉक्साइड मिला। मौके पर करीब एक कुंतल तैयार खोया भी मिला। टीम ने एसएमपी और हाइड्रोजन परॉक्साइड के नमूने जांच के लिए संग्रहित किए और तैयार खोया मौके पर ही नष्ट करा दिया। इस कार्रवाई में परिसर से 07 बोरे में स्किम्ड मिल्क पाउडर के 175 पैकेट तथा खाद्य पदार्थों में मिलाने के लिए रखा गया करीब 15 लीटर हाइड्रोजन परॉक्साइड बरामद किया गया था।
जांच के लिए स्किम्ड मिल्क पाउडर और हाइड्रोजन परॉक्साइड के नमूने लिए गए। कार्रवाई के दौरान करीब 100 किलोग्राम दूषित खोया भी नष्ट कराया गया। खाद्य पदार्थ में अपमिश्रक के प्रयोग के मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए रसूलाबाद थाने में भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 274 और 275 के तहत मुकदमा दर्ज किया। बादशाहपुर में ही एक अन्य खोया निर्माण इकाई की जांच में खोया बनाने में प्रयुक्त सैफोलाइट रसायन और तीन बड़ी कढ़ाइयां/भट्ठियां मिलीं।
टीम ने संदिग्ध अपमिश्रक को जब्त करते हुए संबंधित इकाई का खाद्य पंजीकरण निरस्त करने की कार्रवाई की। एक अन्य इकाई में जांच के दौरान कोई आपत्तिजनक सामग्री नहीं मिली। वहां उपलब्ध करीब 50 लीटर दूध और 50 लीटर खोया में से खोया का नमूना लेकर जांच के लिए भेजा गया। ग्राम भोला नगर, झींझक में खोया भट्ठी के निरीक्षण में 10 लीटर रिफाइंड सोयाबीन तेल, 10 पैकेट एसएमपी और करीब 32 किलोग्राम तैयार खोया मिला। इकाई बेहद अस्वच्छ और अस्वास्थ्यकर परिस्थितियों में संचालित पाई गई। संचालक ने रिफाइंड तेल, वनस्पति और एसएमपी के इस्तेमाल से खोया तैयार करने की बात स्वीकार की।
टीम ने मौके पर ही 32 किलोग्राम तैयार खोया और 10 लीटर रिफाइंड तेल नष्ट कराया तथा इकाई का खाद्य पंजीकरण निलंबित कर दिया। कानपुर नगर में भी अभियान का असर प्रमुख खोया मंडियों में दिखाई दिया। एक्सप्रेसवे खोया मंडी, फजलगंज खोया मंडी और पारंपरिक हटिया खोया मंडी में खाद्य सुरक्षा टीमों ने निरीक्षण और नमूना संग्रह की कार्रवाई की।
एक्सप्रेसवे खोया मंडी में प्रमुख विक्रेता की इकाई से खोया का नमूना लिया गया। हटिया खोया मंडी में 14 खोया विक्रेताओं की जांच कर 14 नमूने संग्रहित किए गए। इस दौरान अस्वच्छ और अस्वास्थ्यकर परिस्थितियों में रखा करीब 4.30 कुंतल खोया, जिसकी अनुमानित कीमत 1.07 लाख रुपये थी, मौके पर नष्ट कराया गया। फजलगंज खोया मंडी में भी प्रमुख विक्रेता की इकाई से खोया का नमूना लेकर जांच के लिए भेजा गया।