Delhi दिल्ली: प्रधानमंत्री के साथ स्लोवाकिया के प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको की मुलाकात को दोनों देशों के संबंधों में एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है। इस बैठक के बाद दोनों देशों ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करते हुए उन्हें “कॉम्प्रिहेंसिव पार्टनरशिप” यानी व्यापक साझेदारी के स्तर तक बढ़ाने का निर्णय लिया है। यह फैसला भारत और स्लोवाकिया के बीच बढ़ते राजनीतिक, आर्थिक और रणनीतिक सहयोग को नई दिशा देने वाला माना जा रहा है।
इस उच्च स्तरीय बैठक में दोनों नेताओं ने कई अहम क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर विस्तार से चर्चा की। इनमें ऑटोमोबाइल उद्योग, रेलवे, उन्नत विनिर्माण (एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग) और ग्रीन टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्र प्रमुख रहे। दोनों देशों ने माना कि इन क्षेत्रों में आपसी सहयोग से न केवल आर्थिक विकास को गति मिलेगी, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
प्रधानमंत्री फिको ने भारत के साथ संबंधों को और मजबूत करने की इच्छा जताई और कहा कि स्लोवाकिया भारत के साथ
तकनीकी
और औद्योगिक साझेदारी को विस्तार देना चाहता है। वहीं भारतीय पक्ष ने भी यूरोप में स्लोवाकिया को एक महत्वपूर्ण साझेदार के रूप में देखते हुए सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई।
बैठक में भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते (Free Trade Agreement) पर भी चर्चा हुई। माना जा रहा है कि इस समझौते के लागू होने से भारत–स्लोवाकिया सहित पूरे यूरोप के साथ व्यापारिक संबंधों को नया प्रोत्साहन मिलेगा और निवेश के अवसर बढ़ेंगे। यह मुलाकात दोनों देशों के बीच भविष्य में रणनीतिक और आर्थिक साझेदारी को और गहरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हो सकती है।
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