हैदराबाद: तेलंगाना में पुलिस ने एक सब-इंस्पेक्टर (SI) को गिरफ्तार किया है. आरोप है कि एसआई ने नकली कपास बीजों का कारोबार करने वालों की मदद की. बदले में प्रति किलो बीज पर 100 रुपये कमीशन मिलने की बात तय हुई थी. पुलिस के मुताबिक, इस रैकेट में करीब 4,000 किलो नकली कपास बीजों की सप्लाई हुई, जिनकी कीमत लगभग 20 लाख रुपये बताई गई है.
आरोपी SI का नाम सेग्याम वेंकटेश है. वह मुलुगु जिले की स्पेशल ब्रांच में तैनात था. उसे 12 अक्टूबर को कागजनगर स्थित उसके घर से गिरफ्तार किया गया. इसके बाद कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया. पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और कथित नेटवर्क में शामिल दूसरे लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है.
मामले की शुरुआत 11 अगस्त को हुई. तेलंगाना के कुमारम भीम आसिफाबाद जिले में पुलिस और कृषि विभाग के अधिकारियों ने आदिलाबाद एक्स रोड्स के पास एक कार को रोका. तलाशी के दौरान कार से चार बोरियों में रखे करीब दो क्विंटल संदिग्ध नकली कपास बीज बरामद हुए. कार में शेख सलमान और ए. वेणुगोपाल रेड्डी मौजूद थे. पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया और बाद में उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया.
इसके बाद पुलिस ने दोनों से पूछताछ की. जांच के दौरान कथित तौर पर सेग्याम वेंकटेश का नाम सामने आया. पुलिस के मुताबिक, इसके बाद आरोपियों के बयानों, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और दूसरे साक्ष्यों की जांच की गई. जांच के आधार पर वेंकटेश को भी इस मामले में आरोपी बनाया गया. पुलिस ने इस मामले में जांच के बाद SI को गिरफ्तार किया है.
पुलिस के मुताबिक, वेंकटेश ने कथित तौर पर भीमिनी के रहने वाले शेख सलमान और राजन्ना सिरसिल्ला जिले के कारोबारी वेणुगोपाल रेड्डी के बीच संपर्क स्थापित करने में मदद की थी. आरोप है कि यह सब पिछले कपास सीजन के दौरान तय हुआ था. इसके तहत कथित तौर पर SI को हर किलो बीज की बिक्री पर 100 रुपये कमीशन देने की बात तय हुई थी.
पुलिस की जांच के अनुसार, वेणुगोपाल रेड्डी ने तीन खेपों में सलमान को करीब 40 क्विंटल यानी 4,000 किलो संदिग्ध नकली कपास बीज सप्लाई किए. इनकी कीमत करीब 20 लाख रुपये बताई गई है. पुलिस का दावा है कि इस सप्लाई में वेंकटेश ने अप्रत्यक्ष रूप से मदद की.
पुलिस के मुताबिक, सप्लाई किए गए कुल 40 क्विंटल बीजों में से करीब 35 क्विंटल कथित तौर पर बिचौलियों के जरिए बेचे गए. बाकी पांच क्विंटल बीज नेन्नेल मंडल के एक पोल्ट्री फार्म में रखे गए थे. 11 अगस्त को कार से जो दो क्विंटल बीज बरामद हुए थे, वे इसी मामले की जांच का शुरुआती अहम हिस्सा बने. इसके बाद पुलिस ने कथित सप्लाई चेन को समझने की कोशिश की.
पुलिस के मुताबिक, सेग्याम वेंकटेश पहले कुमारम भीम आसिफाबाद जिले में टास्क फोर्स SI के तौर पर तैनात था. इसी दौरान एक पुराने नकली बीज मामले के सिलसिले में उसकी मुलाकात शेख सलमान से हुई थी. फरवरी 2026 में उसका तबादला मुलुगु जिले में कर दिया गया. गिरफ्तारी के समय वह वहां स्पेशल ब्रांच में काम कर रहा था. आसिफाबाद की एसपी नितिका पंत के मुताबिक, वेंकटेश को 12 अक्टूबर को गिरफ्तार किया गया और कोर्ट में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया.
कपास की खेती में बीजों की क्वालिटी का सीधा संबंध फसल से होता है. किसान बीज खरीदने, खेत तैयार करने, खाद और सिंचाई पर पैसा लगाते हैं. अगर बीज की क्वालिटी खराब हो या वह नकली निकले, तो पौधों की वृद्धि प्रभावित हो सकती है. इसका नुकसान आखिरकार किसान की जेब पर पड़ सकता है. इस मामले में अहम सवाल यही हैं कि कथित नकली बीज किसने तैयार किए, वे बाजार तक कैसे पहुंचे, किन लोगों ने उन्हें बेचा और क्या किसानों को हुए किसी नुकसान का आकलन किया गया है. फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है.
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