Uttar Pradesh उत्तर प्रदेश। उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले के पिसावा थाना क्षेत्र में सोमवार को एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जब दो बच्चों की मां पूजा मिश्रा ने पुलिस चौकी में कलाई की नस काटने की कोशिश की। यह घटना कुतुब नगर पुलिस चौकी में हुई, जहां विवाद सुलझाने के लिए महिला और उसके भांजे को बुलाया गया था। घटना के अनुसार, पूजा मिश्रा और उनके भांजे आलोक मिश्रा के बीच प्रेम संबंध थे। पुलिस चौकी में विवाद सुलझाने की बातचीत के दौरान आलोक मिश्रा ने रिश्ता जारी रखने से इनकार कर दिया। इसके बाद, मानसिक दबाव में पूजा ने ब्लेड से अपनी कलाई काट ली। मौके पर पुलिस ने तत्काल महिला को अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसका इलाज चल रहा है। अधिकारियों के अनुसार, पूजा की स्थिति खतरे से बाहर है।
पूजा मिश्रा मूल रूप से दिल्ली की रहने वाली हैं। उनकी शादी गाजियाबाद में काम करने वाले ललित कुमार मिश्रा से हुई थी। पति ललित ने अपने काम में मदद के लिए अपने भांजे आलोक मिश्रा को बुलाया था, तभी पूजा और आलोक के बीच प्रेम संबंध विकसित हो गए। जब ललित को इस संबंध का पता चला, उन्होंने आलोक को वहां से भगा दिया। इसके बाद पूजा ने अपने दो बच्चों को छोड़कर आलोक के साथ बरेली चली गई। बरेली में दोनों करीब सात महीने तक साथ रहे, जहां आलोक ऑटो चलाता था। इस दौरान उनके बीच अनबन शुरू हो गई। आलोक अपने पैतृक गांव सीतापुर के मढ़िया लौट गया। जब पूजा को पता चला कि आलोक उसे छोड़ना चाहता है, तो वह भी सीतापुर पहुंच गई और मामले को सुलझाने के लिए पिसावा थाना क्षेत्र की कुतुब नगर पुलिस चौकी का रुख किया।
पुलिस चौकी में विवाद सुलझाने की बातचीत के दौरान आलोक ने रिश्ता जारी रखने से इनकार किया। मानसिक तनाव और निराशा में पूजा ने ब्लेड से अपनी कलाई काट ली, जिससे पुलिस चौकी में हड़कंप मच गया। पुलिस ने तुरंत महिला को अस्पताल में भर्ती कराया और उसका इलाज शुरू किया। पिसावा थाना पुलिस के मुताबिक, घटना के बाद किसी भी पक्ष की ओर से अभी तक कोई प्रार्थना पत्र या शिकायत नहीं आई है। पुलिस ने कहा कि वह पूर्व में संज्ञान में लाए गए मामले के क्रम में ही जांच जारी रखेगी और घटना के सभी पहलुओं की जांच करेगी।
विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखना अत्यंत आवश्यक है। परिवार, समाज और प्रशासन की तत्परता इस तरह की घटनाओं को रोकने में मदद कर सकती है। पुलिस और प्रशासन ने इस घटना के बाद यह सुनिश्चित किया कि महिला को उचित इलाज और सुरक्षा मिले। स्थानीय लोग और पुलिसकर्मी इस घटना से सकते में हैं। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पूजा मिश्रा को तत्काल चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराई गई और उनकी स्थिति सतत निगरानी में है। अधिकारियों ने कहा कि इस मामले में कानूनी कार्रवाई और जांच प्रक्रिया जारी रहेगी। घटना ने यह दर्शाया कि व्यक्तिगत और पारिवारिक विवाद कभी-कभी गंभीर मानसिक तनाव का रूप ले सकते हैं। ऐसे मामलों में समाज और परिवार को समय रहते हस्तक्षेप करना चाहिए, ताकि किसी की जान पर खतरा न आए। इस घटना ने न केवल स्थानीय प्रशासन की तत्परता की आवश्यकता उजागर की, बल्कि यह भी दर्शाया कि मानसिक स्वास्थ्य और पारिवारिक विवादों के मामलों में संवेदनशीलता और सक्रिय कार्रवाई अत्यंत महत्वपूर्ण है।