वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान की इस्लामिक गणराज्य सरकार को लेकर बेहद सख्त बयान दिया है। ट्रंप ने चेतावनी देते हुए कहा कि ईरानी नेतृत्व को अमेरिका की मांगों को स्वीकार करना होगा, अन्यथा उसके अस्तित्व पर संकट आ सकता है। उनके इस बयान में ईरान के मौजूदा शासन को लेकर सीधी चेतावनी दी गई है। ट्रंप के हवाले से सामने आए बयान में कहा गया है, “वे या तो हमें सब कुछ देंगे, या फिर उनका अस्तित्व नहीं रहेगा। वे खुद भी यह जानते हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति की इस टिप्पणी में ईरान के नेतृत्व के प्रति कठोर रुख दिखाई देता है। हालांकि, उपलब्ध बयान में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि ट्रंप ने 'सब कुछ' से किन विशिष्ट मांगों या शर्तों का उल्लेख किया है।
ट्रंप ने यह बयान 9 अक्टूबर को न्यूयॉर्क के सिरैक्यूज़ में एक चुनावी रैली के दौरान दिया था। उन्होंने दावा किया कि ईरान से जुड़ा संघर्ष बहुत जल्द किसी न किसी तरीके से समाप्त होगा। हालांकि, उन्होंने इसके लिए कोई निश्चित समयसीमा नहीं बताई। अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से कई मुद्दों पर मतभेद बने हुए हैं। इनमें ईरान का परमाणु कार्यक्रम, आर्थिक प्रतिबंध, होर्मुज जलडमरूमध्य और क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़े सवाल प्रमुख हैं। दोनों देशों के बीच समझौते की शर्तों पर सहमति नहीं बन सकी है।
 ट्रंप का ताजा बयान ऐसे समय सामने आया है, जब अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष को समाप्त करने के लिए कूटनीतिक प्रयास भी जारी हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपने भाषण में यह विश्वास जताया कि ईरान से जुड़ा मामला जल्द सुलझ जाएगा। हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि अमेरिका किसी समझौते तक पहुंचने के लिए कौन-से अगले कदम उठाएगा। इसी रैली में ट्रंप ने रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध का भी उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि इन दोनों अंतरराष्ट्रीय संघर्षों के समाधान की दिशा में जल्द प्रगति हो सकती है। हालांकि, दोनों मामलों में किसी अंतिम समझौते की घोषणा नहीं हुई है।
 ट्रंप के बयान का सबसे महत्वपूर्ण पहलू ईरान के मौजूदा शासन के अस्तित्व को लेकर दी गई चेतावनी है। उनके शब्दों से यह संकेत मिलता है कि अमेरिकी प्रशासन ईरानी नेतृत्व पर अपनी मांगें स्वीकार करने का दबाव बनाए रखना चाहता है। हालांकि, इस टिप्पणी को किसी औपचारिक सैन्य कार्रवाई की घोषणा नहीं माना जा सकता। अमेरिकी राष्ट्रपति के इस बयान के बाद यह सवाल भी महत्वपूर्ण हो गया है कि दोनों देशों के बीच जारी तनाव को बातचीत के जरिए कम किया जा सकेगा या टकराव बना रहेगा। फिलहाल ट्रंप ने अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है, लेकिन किसी नए समझौते अथवा निर्णायक कार्रवाई की पुष्टि नहीं हुई है।
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