राज्य सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा है कि केरल अगले पांच सालों में एक महत्वाकांक्षी मिशन के तहत 20 लाख गुणवत्ता वाली नौकरियों का सृजन करेगा. मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के मुख्य प्रधान सचिव डॉ के एम अब्राहम ने कहा है कि इस सरकार के सत्ता में आने के बाद पहली कैबिनेट बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार ज्ञान समाज के निर्माण के लिए रणनीतिक पत्र तैयार किया गया था.

उन्होंने इस सप्ताह की शुरुआत में मीडिया के साथ बातचीत के दौरान कहा कि सरकार के "केरल नॉलेज इकोनॉमी मिशन" (Knowledge Economy Mission ) का उद्देश्य उच्च शिक्षा संस्थानों में छात्रों को कौशल प्रशिक्षण प्रदान करना और उन्हें बदलते समय के अनुकूल बनाना है. अब्राहम ने कहा कि इस योजना में विदेश में अपनी नौकरी गंवाने वाले, यहां पढ़ाई पूरी करने वाले और रोजगार पाने में सक्षम नहीं होने वाले और स्कूल छोड़ने वाले लोगों को शामिल किया जाएगा.
6,000 करोड़ रुपये खर्च होने की उम्मीद है
उनके अनुसार, इस परियोजना पर पांच सालों में लगभग 6,000 करोड़ रुपये खर्च होने की उम्मीद है. "केरल नॉलेज इकोनॉमी मिशन" के हिस्से के रूप में एक डिजिटल वर्कफोर्स मैनेजमेंट सिस्टम (DWMS) स्थापित किया जाएगा. यह एक विशाल मंच होगा जिसमें नियोक्ता, नौकरी चाहने वाले और विभिन्न प्रकार के प्रशिक्षक शामिल होंगे. निजी क्षेत्र में, विशाल रोजगार प्लेटफॉर्म जैसे कि मॉन्स्टर डॉट कॉम और फ्रीलांसर डॉट कॉम पहले से ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काम कर रहे हैं. केरल एक नए रोजगार मंच के लिए ऐसी वैश्विक एजेंसियों की मदद और सहयोग मांगेगा."
अवसरों का लोकतंत्रीकरण
उन्होंने कहा कि डीडब्ल्यूएमएस निजी क्षेत्र का विकल्प नहीं है, बल्कि उन लोगों को शामिल करके अवसरों का लोकतंत्रीकरण है जिनकी निजी क्षेत्र तक पहुंच नहीं है. उन्होंने यह भी कहा कि ज्ञान समाज का महान विचार जन योजना के बाद केरल में होने वाले सबसे बड़े सामाजिक परिवर्तन का मार्ग प्रशस्त करेगा.
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