कर्नाटक। कर्नाटक में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई की रायता विद्या निधि स्कॉलरशिप योजना दक्षिणी राज्य में खासकर ग्रामीण इलाकों में पार्टी के जीतने की संभावना बढ़ा सकती है। योजना, बोम्मई प्रशासन का एक प्रमुख कल्याणकारी उपाय, किसानों के बच्चों को छात्रवृत्ति प्रदान करता है, ताकि वे वित्तीय बाधाओं के बावजूद अपनी शिक्षा जारी रख सकें। इस योजना के तहत उपलब्ध न्यूनतम छात्रवृत्ति 2,500 रुपये है, और उपलब्ध अधिकतम छात्रवृत्ति 11,000 रुपये है।

इस योजना में 464.15 करोड़ रुपये की लागत से 10.19 लाख किसान बच्चों को शामिल किया गया है। बोम्मई ने घोषणा की है कि इस योजना का विस्तार खेतिहर मजदूरों और बुनकरों के बच्चों तक भी किया जाएगा।

कर्नाटक में 70 लाख से अधिक खेतिहर मजदूर हैं। योजना का दायरा, एक बार ग्रामीण आबादी के पूरे कैनवास को कवर करने के बाद, आने वाले चुनावों में भाजपा की संभावनाओं को उज्‍जवल कर सकता है। राज्य के 46,000 बुनकरों के बच्चों को भी योजना के तहत कवर किया जाएगा। विद्या निधि के तहत हाई स्कूल (केवल लड़कियां), पीयू या आईटीआई, डिग्री, एलएलबी/पैरा मेडिकल, बीफार्मा, एमबीबीएस, इंजीनियरिंग और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में पढ़ने वाले किसानों के बच्चों को 2,500 रुपये से लेकर 11,000 रुपये तक की वार्षिक छात्रवृत्ति मिलती है।

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