Kargil Vijay Diwas: राहुल, खड़गे ने 1999 युद्ध के अमर नायकों को श्रद्धांजलि दी

Update: 2026-07-26 06:16 GMT
नई दिल्ली: लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने रविवार को 1999 के कारगिल युद्ध के दौरान देश की रक्षा करते हुए शहीद हुए बहादुर सैनिकों को श्रद्धांजलि दी और उनके साहस व वीरता की सराहना की।
भारत रविवार को 27वां कारगिल विजय दिवस मना रहा है। यह दिन कृतज्ञता और राष्ट्रीय गौरव के साथ 1999 की उस ऐतिहासिक जीत की याद में मनाया जाता है, जब भारतीय सैनिकों ने कारगिल की बर्फ से ढकी चोटियों को वापस हासिल किया था।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर एक पोस्ट में गांधी ने कहा, "कारगिल विजय दिवस पर, भारत की सीमाओं की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान देने वाले सभी बहादुर सैनिकों को विनम्र श्रद्धांजलि। देश आपके साहस, वीरता और सर्वोच्च बलिदान का सदैव ऋणी रहेगा।"
कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे ने भी सोशल मीडिया के माध्यम से कारगिल विजय दिवस पर अमर नायकों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
उन्होंने कहा, "हम उन अमर नायकों को श्रद्धापूर्वक नमन करते हैं जिन्होंने कारगिल युद्ध में मातृभूमि की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया। उनका अदम्य साहस, अद्वितीय वीरता और देश के प्रति अटूट समर्पण हम सभी के लिए सदैव प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा।"
भारतीय इतिहास में कारगिल विजय दिवस का अत्यंत महत्व है और यह 1999 के कारगिल युद्ध में पाकिस्तान पर भारतीय सशस्त्र बलों की जीत का प्रतीक है। इस वर्ष कारगिल विजय दिवस की 27वीं वर्षगांठ मनाई जा रही है।
यह संघर्ष मई 1999 में तब शुरू हुआ था जब पाकिस्तानी सेना ने नियंत्रण रेखा (LoC) पार करके घुसपैठ की और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण ऊंचाइयों पर कब्जा कर लिया। इसका उद्देश्य कश्मीर और लद्दाख के बीच संपर्क को काटना और सियाचिन ग्लेशियर पर तैनात सैनिकों को अलग-थलग करना था।
भारतीय सेना ने 'ऑपरेशन विजय' के साथ जवाबी कार्रवाई की, जिसमें भारतीय वायु सेना के 'ऑपरेशन सफेद सागर' और नौसेना की पूर्ण तैनाती का सहयोग मिला। इस दौरान LoC को पार किए बिना 'रोकने, खदेड़ने और विफल करने' (contain, evict and deny) की स्पष्ट रणनीति अपनाई गई।
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