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नई दिल्ली: डॉ. उदित राज को अखिल भारतीय असंगठित कामगार और कर्मचारी कांग्रेस का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। इस पद पर उदित राज की नियुक्ति के साथ ही कांग्रेस ने असंगठित क्षेत्र के मजदूरों को अपने पक्ष में लामबंद करने की रणनीति का खुलासा कर दिया है। डॉ. उदित राज पर कांग्रेस के इन पुराने मजबूत समर्थकों को पार्टी के साथ दोबारा जोड़ने की बड़ी जिम्मेदारी होगी, जो 2024 के लोकसभा चुनाव की दृष्टि से बेहद उपयोगी साबित हो सकते हैं।

माना जाता है कि 2009 में यूपीए को सत्ता में वापस लाने में असंगठित क्षेत्र के इन्हीं कामगारों ने अहम भूमिका निभाई थी। मनमोहन सिंह सरकार ने यूपीए-1 कार्यकाल में उनके लिए मनरेगा योजना के तहत 100 दिन के रोजगार की गारंटी का अधिकार दिया था। कहा जाता है कि इसी योजना से प्रेरित होकर असंगठित क्षेत्र के कामगारों ने चुनाव में कांग्रेस को भरपूर समर्थन दिया और वह मजबूती के साथ सत्ता में दोबारा वापस लौट सकी। कांग्रेस अपनी इसी ताकत को दोबारा मजबूत करना चाहती है।
पार्टी मुख्यालय 24 अकबर रोड पर रविवार को पहुंचे समर्थकों को संबोधित करते हुए डॉ. उदित राज ने कहा कि केंद्र सरकार सभी निगमों, सरकारी कार्यालयों और अन्य क्षेत्रों में लगातार निजीकरण को बढ़ावा दे रही है। इससे सरकारी क्षेत्र की नौकरियां खत्म हो रही हैं और कामगारों के लिए अवसर कम होते जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का उद्देश्य कामगारों के लिए खाली पदों पर नियुक्ति के लिए केंद्र सरकार को मजबूर करना होगा, जिससे करोड़ों कामगारों को रोजगार और उनकी परिवारों को आय का एक सहारा प्रदान किया जा सके।

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