Jharkhand झारखंड। झारखंड में JPSC और JSSC परीक्षाओं को लेकर चल रहा छात्र आंदोलन एक बार फिर तेज हो गया है। हाईकोर्ट के फैसले के बाद प्रदर्शन कर रहे छात्रों में नाराजगी बढ़ गई है। सरकार के परीक्षा रद्द करने के निर्णय पर लगे स्टे के विरोध में छात्रों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पुतला दहन करने का ऐलान किया और सड़कों पर उतर आए।
छात्रों का कहना है कि लंबे समय से वे परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। सरकार की ओर से परीक्षाएं रद्द करने के फैसले को छात्रों ने राहत के रूप में देखा था, लेकिन हाईकोर्ट के आदेश के बाद उनकी चिंता बढ़ गई है। इसी के विरोध में छात्रों ने आंदोलन तेज करने का निर्णय लिया। रांची में प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में JPSC-JSSC अभ्यर्थी जुटे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। छात्रों ने आरोप लगाया कि बार-बार परीक्षा विवादों में आने से युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने मांग की कि भर्ती परीक्षाओं को लेकर स्पष्ट नीति बनाई जाए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने कहा कि वर्षों की मेहनत के बाद जब परीक्षाओं में अनियमितताओं के आरोप सामने आते हैं तो इसका सीधा असर अभ्यर्थियों पर पड़ता है। उन्होंने सरकार से युवाओं के हित में ठोस कदम उठाने की मांग की। वहीं, प्रशासन की ओर से प्रदर्शन को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई। पुलिसकर्मी मौके पर तैनात रहे और स्थिति पर नजर बनाए रखी। अधिकारियों ने छात्रों से शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग रखने की अपील की।
JPSC-JSSC विवाद झारखंड में लंबे समय से राजनीतिक मुद्दा बना हुआ है। विपक्षी दल भी इस मामले को लेकर सरकार पर निशाना साधते रहे हैं। वहीं, छात्र संगठन लगातार परीक्षा व्यवस्था में सुधार और निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया की मांग कर रहे हैं। हाईकोर्ट के फैसले के बाद अब छात्रों का आंदोलन फिर से तेज होता दिखाई दे रहा है। आने वाले दिनों में छात्र संगठन आगे की रणनीति तय कर सकते हैं।
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