Punjab पंजाब: मुख्यमंत्री भगवंत मान की पत्नी डॉ. गुरप्रीत कौर पर दुष्कर्म मामले को दबाने के लिए 5 करोड़ रुपये मांगने के आरोपों को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) द्वारा मामले का संज्ञान लेने के बाद भाजपा नेता और केंद्रीय चुनाव समिति के सदस्य इकबाल सिंह लालपुरा ने प्रतिक्रिया दी है। रूपनगर में मीडिया से बातचीत करते हुए इकबाल सिंह लालपुरा ने कहा कि यदि दुष्कर्म मामले को लेकर लगाए गए आरोप सही साबित होते हैं तो यह बेहद गंभीर विषय होगा। उन्होंने कहा कि यदि मुख्यमंत्री की पत्नी आरोपी के पक्ष में खड़ी होती हैं तो पंजाब की बहनों, बेटियों और माताओं की सुरक्षा को लेकर बड़ा सवाल खड़ा होता है।
उन्होंने कहा कि समाज में महिलाओं की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा है और ऐसे मामलों में निष्पक्ष जांच होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि किसी भी पीड़ित को न्याय मिलना चाहिए और कानून सभी के लिए समान होना चाहिए। इकबाल सिंह लालपुरा ने भ्रष्टाचार के आरोपों पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति पर आरोप लगाना आसान है, लेकिन आरोपों को साबित करने के लिए ठोस तथ्य और जांच जरूरी होती है।
उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति की प्रतिष्ठा केवल आरोपों के आधार पर तय नहीं की जा सकती। अगर कोई व्यक्ति ईमानदार और साफ छवि वाला है तो उसकी पहचान समाज में अपने आप बनती है। गौरतलब है कि NHRC ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की पत्नी से जुड़े कथित दुष्कर्म मामले में लगाए गए आरोपों को लेकर संज्ञान लिया है। आरोप लगाया गया था कि मामले को दबाने के लिए 5 करोड़ रुपये की मांग की गई। हालांकि, इन आरोपों की जांच और सच्चाई सामने आना अभी बाकी है।
इस मुद्दे को लेकर पंजाब की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। विपक्षी दल मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं, जबकि आम आदमी पार्टी की ओर से आरोपों को राजनीतिक साजिश बताया जा रहा है। इकबाल सिंह लालपुरा ने कहा कि ऐसे गंभीर मामलों में राजनीति से ऊपर उठकर सच्चाई सामने आनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जांच एजेंसियों को निष्पक्ष तरीके से पूरे मामले की जांच करनी चाहिए ताकि वास्तविक तथ्य सामने आ सकें।
उन्होंने कहा कि किसी भी आरोप पर अंतिम निर्णय जांच और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर ही होना चाहिए। उन्होंने दोहराया कि यदि आरोप सही हैं तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। फिलहाल इस मामले को लेकर पंजाब में राजनीतिक माहौल गर्म है और सभी की नजर NHRC की कार्रवाई तथा आगे की जांच पर बनी हुई है।
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