IPS ने गूगल जेमिनी के इस्तेमाल पर सावधानी बरतने की सलाह दी, हो सकती है ठगी
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दिल्ली। गूगल जेमिनी का नैनो बनाना एआई इन दिनों सोशल मीडिया पर छाया हुआ है. लोग इसमें अपनी तस्वीरें डालकर हाइपर-रियलिस्टिक इमेज बनवा रहे हैं. लेकिन इसी बीच एक आईपीएस अधिकारी ने लोगों को सावधान किया है.उन्होंने यह भी कहा कि ट्रेंड्स तो आते-जाते रहते हैं, लेकिन अगर आपका डेटा एक बार गलत जगह चला गया, तो उसे वापस पाना मुश्किल है. यानी फोटो या पर्सनल जानकारी डालने से पहले दो बार सोचें.
इस ट्रेंड में शामिल होने के लिए, लोग एआई का इस्तेमाल करके हाइपर-रियलिस्टिक विजुअल बनाने के लिए गूगल जेमिनी पर तस्वीर अपलोड कर रहे हैं. इसी बीच, एक आईपीएस अधिकारी ने लोगों को सावधान रहने और यह सुनिश्चित करने की चेतावनी दी है कि तस्वीरें "फर्जी वेबसाइटों या अनधिकृत ऐप्स" के बजाय असली वेबसाइट पर अपलोड की जाए. गूगल जेमिनी का नैनो एआई असल में एक नया एडवांस्ड टूल है, जिसे जेमिनी 2.5 फ्लैश इमेज भी कहा जाता है. यह फोटो एडिट करने के लिए बनाया गया है. इसमें यूज़र सिर्फ अपनी साधारण भाषा में लिखकर बता सकते हैं कि फोटो को कैसे बदलना है. इसके बाद एआई उस फोटो को नए फॉर्मेट में बना देता है. सबसे खास बात यह है कि इसके लिए किसी जटिल सॉफ्टवेयर को सीखने की ज़रूरत नहीं पड़ती. यानी आसान शब्दों में – नैनो बनाना एआई गूगल का ऐसा स्मार्ट टूल है, जो आपकी फोटो को आपकी बात मानकर एडिट कर देता है.
IPS वीसी सज्जनार ने ट्वीट करके कहा – इंटरनेट ट्रेंड्स के चक्कर में अपनी पर्सनल डिटेल्स या फोटो फर्जी वेबसाइट्स और अनऑथराइज्ड ऐप्स पर कभी अपलोड न करें. एक क्लिक से आपके बैंक अकाउंट का पैसा भी ठगों के हाथ लग सकता है. इस ट्रेंड्स में हिस्सा लेना ठीक नहीं है, सुरक्षा सबसे जरूरी है. बस एक क्लिक से आपके बैंक खातों में जमा पैसा अपराधियों के हाथों में जा सकता है." उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, "कभी भी फर्जी वेबसाइटों या अनऑथराइज्ड ऐप्स के साथ फोटो या पर्सनल डिटेल शेयर न करें," उन्होंने आगे कहा, "आप अपने खुशी के क्षणों को सोशल मीडिया ट्रेंड्स पर शेयर कर सकते हैं, लेकिन यह न भूलें कि सुरक्षा हमेशा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए."