सांकेतिक तस्वीर

प्रयागराज: ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर खेल करने वाले साइबर ठगों ने प्रयागराज के एक आरपीएफ इंस्पेक्टर को 57 लाख की चपत लगाई। हैरानी की बात ये है कि साइबर ठगों ने उनके लाखों रुपये क्रिप्टो करेंसी में बदलकर विदेश ट्रांसफर कर दिया है। ऐसे में साइबर थाने की पुलिस सिर्फ 15 लाख रुपये ही फ्रीज करा सकी है। बाकी रुपये क्रिप्टो करेंसी में बदलने के कारण कहां चले गए, पता नहीं चला। साइबर थाने की पुलिस के लिए क्रिप्टो करेंसी की डिटेल पता लगाना कठिन है।
ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर 57 लाख रुपये की ठगी होने के बाद इंस्पेक्टर अखिलेश कुमार तिवारी ने साइबर थाने में एफआईआर दर्ज कराई है। पुलिस को बताया कि इंस्टाग्राम पर रील्स देखते वक्त स्टॉक ट्रेडिंग इनवेस्टमेंट प्लान के एड पर क्लिक करते ही लिंक मिला। इसके माध्यम से उन्होंने ऑनलाइन बिजनेस में निवेश करना शुरू किया। उन्होंने कई स्टॉक खरीदे और बेचे। इसमें उनकी निवेशित राशि पांच से छह गुना होने की बात बताई गई।
उन्होंने कुल 57.55 लाख रुपये अलग-अलग साइबर ठगों के खातों में जमा किए। लेकिन, जब रुपये निकालने की बात आई तो उन्हें ब्लॉक कर दिया गया। साइबर थाने की पुलिस ने जांच कर विभिन्न बैंक खातों में जमा कुल 15 लाख रुपये फ्रीज करा दिया। लेकिन, बाकी रुपये क्रिप्टो करेंसी में बदले जा चुके थे। पुलिस का दावा है कि क्रिप्टो करेंसी की मदद से विदेश में बैठे शातिर को ट्रांसफर किया गया है। उसकी डिटेल नहीं मिल पा रही है।
पुलिस का कहना है कि लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। किसी भी तरह से बाहर से आए लिंक पर क्लिक न करें। बाहरी लिंक के कराण पैसा खाते से गायब हो जाता है। इस मामले में भी एक एड के माध्यम से मिले लिंक पर क्लिक करने से खाता खाली हो गया।
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