Delhi दिल्ली। ईरान और इजरायल के बीच तनाव एक नए और खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। हाल ही में इजरायल की ओर से ईरान की औद्योगिक सुविधा को निशाना बनाए जाने के बाद, ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए इजरायल के बीर शेवा स्थित नियोट होवाव इंडस्ट्रियल जोन पर मिसाइल हमला किया है। यह हमला न केवल दोनों देशों के बीच बढ़ती टकराव की गंभीरता को दर्शाता है, बल्कि पूरे क्षेत्र में अस्थिरता और संभावित बड़े संघर्ष के खतरे को भी बढ़ाता है।
इस्लामी गणतंत्र ईरान प्रसारण (आईआरआईबी) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पोस्ट में कहा, ''ईरान का मिसाइल रिस्पॉन्स इजरायल की ओर से उसकी इंडस्ट्रियल फैसिलिटी को टारगेट करने पर ईरानी मिसाइलों ने इजरायल के बीर शेवा में नियोट होवाव इंडस्ट्रियल फैसिलिटी पर हमला किया।' एक दिन पहले ही ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने कहा था कि अमेरिका-इजरायल की ओर से हो रही हर कार्रवाई का पूरी ताकत से जवाब देंगे। सोशल मीडिया पोस्ट में पेजेश्कियन ने चेतावनी दी थी कि पहल ईरान नहीं करता, लेकिन अगर उस पर आक्रमण किया जाता है तो वो फिर पीछे भी नहीं हटता है।
ईरानी राष्ट्रपति ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पोस्ट में कहा, "अगर ईरान के इन्फ्रास्ट्रक्चर या आर्थिक ठिकानों पर हमला हुआ, तो जोरदार जवाब दिया जाएगा। उन्होंने क्षेत्र के अन्य देशों को आगाह करते हुए कहा था कि अगर वे विकास और सुरक्षा चाहते हैं, तो अपने देश की जमीन का इस्तेमाल ईरान के दुश्मनों को युद्ध के लिए न करने दें। ईरान ने रविवार को अपने हमलों में अमेरिकी विमान 'ई-3 सेंट्री अवाक्स' को नुकसान पहुंचाने का दावा किया है। ईरान ने अमेरिकी विमानों को निशाना बनाते हुए सऊदी अरब के प्रिंस सुल्तान एयर बेस पर हमला किया।
इस्लामी गणतंत्र ईरान प्रसारण (आईआरआईबी) के अनुसार, सऊदी अरब के प्रिंस सुल्तान एयर बेस पर खड़े एक ई-3 सेंट्री अवाक्स को ईरान के हमले में नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा कई रिफ्यूलिंग विमान (केसी-135) भी क्षतिग्रस्त हुए हैं। यह विमान अमेरिका की क्षेत्रीय हवाई निगरानी और कमांड क्षमता के लिए बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। यह विमान युद्ध के मैदान में आंख और दिमाग का काम करता है।
इसके अलावा, ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने एक अमेरिकी एफ-16 फाइटिंग फाल्कन और एक एमक्यू-9 रीपर ड्रोन को निशाना बनाने का दावा किया। ईरान के दक्षिणी हवाई क्षेत्र में घुसपैठ की कोशिश कर रहे विमान और ड्रोन को वायु रक्षा प्रणाली ने निष्क्रिय कर दिया।