नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान युद्ध के बीच ऑपरेशन सिंदूर को लेकर पाकिस्तान ने बड़ा दावा कर दिया है। खबर है कि भारत के पड़ोसी मुल्क का कहना है कि ईरान ने पाकिस्तान का साथ दिया था। हालांकि, इसे लेकर आधिकारिक रूप से कुछ नहीं कहा गया है। साल 2025 में भारतीय सेना ने पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद ऑपरेशन सिंदूर का आगाज किया था।
ट्रिब्यून इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री इशाक डार ने कहा, 'पिछले दो सालों में रिश्तों में सुधार हुआ है। जून 2025 में 12 दिन तक चली लड़ाई और हाल ही में अमेरिका और इजरायल के साथ हुए टकराव, दोनों ही मामलों में पाकिस्तान ने ईरान को मजबूत कूटनीतिक और राजनीतिक समर्थन दिया। वहीं, मई 2025 में भारत के साथ हुए टकराव के दौरान ईरान ने भी पाकिस्तान का जबरदस्त साथ दिया था।' हालांकि, इसे लेकर ईरान या पाकिस्तान सरकार ने आधिकारिक रूप से कुछ नहीं कहा है।
दरअसल, डार ने यह जवाब पाकिस्तान की नेशनल असेंबली को भेजा था। रिपोर्ट के अनुसार, डार मई 2025 में ही ईरान दौरे पर गए थे और कहा था कि यात्रा भारत के खिलाफ साथ देने के लिए ईरान का शुक्रिया करने इरादे से भी की गई थी। हालांकि, ताजा मामले में पाकिस्तानी नेता ने यह साफ नहीं किया है समर्थन से उनका खास मतलब क्या था।
NSA यानी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने 14 अगस्त को कहा था कि भारत की उदारता और सहनशीलता को उसकी कमजोरी नहीं समझा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश जोखिम उठा सकता है और कड़ा प्रहार कर सकता है, चाहे नतीजे कुछ भी हों। डिस्कवरी की आने वाली सीरीज 'डीक्लासिफाइड: ऑपरेशन सिंदूर' में डोभाल ने कहा कि 88 घंटे चले इस सैन्य अभियान का मकसद दुश्मन के शिविरों को नष्ट करना था, खासकर उन ठिकानों को जो पहलगाम आतंकी हमले के लिए जिम्मेदार थे।
ऑपरेशन सिंदूर के बाद अपने पहले साक्षात्कार में डोभाल ने कहा, 'हमने ऑपरेशन का मकसद दुश्मन के शिविरों को नष्ट करना तय कर लिया था, खासकर उनको जो पहलगाम हमले के लिए जिम्मेदार थे।'
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जुलाई में कहा था कि पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के अलावा किसी अन्य मुद्दे पर उसके साथ कोई बातचीत नहीं होगी। उन्होंने कहा कि पीओके भारत का अभिन्न हिस्सा है, जिस पर पाकिस्तान ने अवैध रूप से कब्जा कर रखा है। सिंह ने यहां कारगिल युद्ध स्मारक पर अपने संबोधन में कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने यह दिखाया है कि आतंकवाद के जरिए भारत को धमकाने की कोशिश करने वालों का क्या हश्र होगा। उन्होंने यह भी कहा कि भारत पाकिस्तान की हर दुस्साहसपूर्ण हरकत का ऐसे तरीके से जवाब देने में सक्षम है, जो उसकी 'कल्पना से भी परे' है।
7 मई 2025 को शुरू हुई भारतीय सेना की कार्रवाई के बाद करीब 4 दिनों तक दोनों देशों के बीच संघर्ष चला था। इसके बाद पाकिस्तान के कहने पर सीजफायर का फैसला किया गया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी साफ कर चुके हैं कि इस संघर्ष को रुकवाने में किसी तीसरे पक्ष की कोई भूमिका नहीं थी।