Aichi-Nagoya. आइची-नागोया। एशियाई पैरा खेल 2026 में भारतीय खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन जारी है। भारत के स्टार पैरा एथलीट प्रवीण कुमार ने पुरुषों की ऊंची कूद टी-64 स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया है। वहीं, भारत के ही बंटी ने रजत पदक जीतकर देश की उपलब्धि को और खास बना दिया। इस स्पर्धा में भारतीय खिलाड़ियों ने स्वर्ण और रजत दोनों पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। बुधवार को आयोजित पुरुषों की ऊंची कूद टी-64 स्पर्धा में टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम (टॉप्स) के
एथलीट
प्रवीण कुमार ने शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने 2.05 मीटर की ऊंचाई पार करते हुए स्वर्ण पदक जीता और नया गेम्स रिकॉर्ड भी स्थापित किया। इससे पहले प्रवीण कुमार के नाम 2.02 मीटर का गेम्स रिकॉर्ड था। उन्होंने अपने ही पिछले रिकॉर्ड को तीन सेंटीमीटर से बेहतर करते हुए प्रतियोगिता में नया कीर्तिमान स्थापित किया। उनकी इस उपलब्धि ने एक बार फिर साबित किया कि भारतीय पैरा खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में लगातार अपनी क्षमता का शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं।

इसी स्पर्धा में भारत के दूसरे एथलीट बंटी ने भी बेहतरीन प्रदर्शन किया। उन्होंने 1.92 मीटर की ऊंचाई पार करते हुए रजत पदक अपने नाम किया। खास बात यह रही कि यह बंटी का अब तक का सर्वश्रेष्ठ व्यक्तिगत प्रदर्शन है। महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में अपने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के साथ पदक जीतना उनके खेल करियर की बड़ी उपलब्धि है। प्रवीण कुमार और बंटी की सफलता ने भारतीय दल को दोहरी खुशी दी। एक ही स्पर्धा में भारतीय खिलाड़ियों के पहले और दूसरे स्थान पर रहने से ऊंची कूद में भारत की मजबूत स्थिति सामने आई है। प्रवीण कुमार भारतीय पैरा एथलेटिक्स के प्रमुख खिलाड़ियों में शामिल हैं। उन्होंने टोक्यो पैरालंपिक 2020 में रजत पदक जीता था। इसके बाद पेरिस पैरालंपिक 2024 में उन्होंने पुरुषों की ऊंची कूद टी-64 स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचा था। अब एशियाई पैरा खेलों में नया गेम्स रिकॉर्ड बनाकर उन्होंने अपनी उपलब्धियों में एक और महत्वपूर्ण सफलता जोड़ ली है। टी-64 वर्ग की ऊंची कूद में पैरों की शारीरिक अक्षमता वाले पात्र खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं। इस स्पर्धा में ऊंचाई पार करने के लिए तकनीक, संतुलन, गति और शारीरिक नियंत्रण की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। प्रवीण कुमार और बंटी ने अपने प्रदर्शन से भारतीय पैरा खेलों की बढ़ती ताकत को प्रदर्शित किया है। दोनों खिलाड़ियों की सफलता भारतीय पैरा एथलेटिक्स के लिए उत्साहजनक है। खासतौर पर प्रवीण का नया रिकॉर्ड और बंटी का व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन भविष्य की अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए सकारात्मक संकेत है।
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