बर्लिन। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने जर्मनी की राजधानी बर्लिन में भारत की आर्थिक प्रगति और आधुनिक तकनीक को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने विश्वास जताया कि भारत वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने के साथ 30 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने का लक्ष्य हासिल करेगा। गोयल ने कहा कि भारत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), क्वांटम कंप्यूटिंग और अन्य उभरती तकनीकों को तेजी से अपनाने के लिए तैयार है।
भारत के पास आईटी क्षेत्र का विशाल टैलेंट पूल
पीयूष गोयल ने कहा कि भारत के पास दुनिया के सबसे बड़े सूचना प्रौद्योगिकी प्रतिभा समूहों में से एक है। भारतीय आईटी पेशेवरों ने वैश्विक तकनीकी क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि भारत ने अपने कुशल मानव संसाधन की क्षमताओं का लाभ उठाकर दुनिया को ऐसे पेशेवर उपलब्ध कराए हैं, जो अत्याधुनिक तकनीकों का प्रभावी इस्तेमाल कर सकते हैं।
AI और लार्ज लैंग्वेज मॉडल पर काम कर रहे स्टार्टअप
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि भारत में अनेक स्टार्टअप आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और लार्ज लैंग्वेज मॉडल (LLM) जैसी उन्नत तकनीकों पर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय तकनीकी कंपनियां केवल वैश्विक स्तर पर विकसित तकनीकों का उपयोग ही नहीं कर रहीं, बल्कि नवाचार और अनुसंधान के माध्यम से नई क्षमताएं भी विकसित कर रही हैं।
नई तकनीकों से भारत को कोई चिंता नहीं
गोयल ने कहा कि तकनीकी बदलाव के इस नए दौर को लेकर भारत को चिंतित होने की आवश्यकता नहीं है। देश AI, क्वांटम कंप्यूटिंग और अन्य आधुनिक तकनीकों को अपनाते हुए आगे बढ़ेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि भारतीय युवाओं की प्रतिभा, तकनीकी विशेषज्ञता और नवाचार क्षमता देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। केंद्रीय मंत्री इससे पहले भी 2047 तक भारत को 30 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य पर जोर दे चुके हैं।
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