दिल्ली। भारत और स्कॉटलैंड के बीच आर्थिक एवं व्यापारिक संबंधों को और मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल हुई है। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने स्कॉटलैंड के प्रथम मंत्री जॉन स्विनी से मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं ने व्यापार, निवेश, नवाचार और औद्योगिक सहयोग को बढ़ावा देने के विभिन्न अवसरों पर विस्तार से चर्चा की।
पीयूष गोयल ने मुलाकात पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि भारत और स्कॉटलैंड के बीच आर्थिक साझेदारी को नई दिशा देने के लिए सार्थक बातचीत हुई है। उन्होंने बताया कि भारत-ब्रिटेन व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौते (CETA) के ढांचे के तहत दोनों पक्ष साझा प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।
शिक्षा और तकनीक में सहयोग बढ़ाने पर जोर
बैठक के दौरान उच्च शिक्षा, नवीकरणीय ऊर्जा, सेमीकंडक्टर, डेटा सेंटर, विज्ञान और अंतरिक्ष जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने पर्यटन क्षेत्र में भी नई संभावनाओं को तलाशने पर जोर दिया। केंद्रीय मंत्री के अनुसार, भारत और स्कॉटलैंड के बीच इन क्षेत्रों में सहयोग बढ़ने से नई तकनीकों, अनुसंधान और नवाचार से जुड़ी साझेदारियों को प्रोत्साहन मिल सकता है।
व्यापार और निवेश के नए अवसरों पर चर्चा
पीयूष गोयल ने कहा कि दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय व्यापार और निवेश के नए अवसरों की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया। इसके साथ ही उद्योगों के बीच सीधे संपर्क और साझेदारी मजबूत करने पर भी जोर दिया गया। भारत-ब्रिटेन व्यापार समझौते के व्यापक ढांचे में स्कॉटलैंड के साथ आर्थिक सहयोग को आगे बढ़ाने की संभावनाओं को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस मुलाकात का उद्देश्य दोनों अर्थव्यवस्थाओं के बीच व्यापारिक संबंधों को विस्तार देना और नवाचार आधारित साझेदारी के अवसर तलाशना रहा। स्कॉटलैंड सरकार ने भी भारत के साथ व्यापार और निवेश बढ़ाने को प्राथमिकता दी है। जॉन स्विनी की भारत यात्रा के दौरान दोनों देशों के उद्यमों के बीच नए व्यावसायिक संबंध स्थापित करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
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