New Delhi. नई दिल्ली। भारत के विदेश राज्य मंत्री किरती वर्धन सिंह ने बुधवार को गैर-गुट आंदोलन (NAM) की बैठक के इतर माली के विदेश मंत्री से मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान दोनों देशों ने बहुआयामी द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा की और व्यापार, रक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य, और ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग को और सशक्त करने पर सहमति जताई। बैठक के बाद विदेश राज्य मंत्री ने कहा कि भारत और माली के बीच संबंध विश्वास, विकास और समान हितों पर आधारित हैं। उन्होंने बताया कि वार्ता के दौरान दोनों देशों के बीच क्षमता निर्माण, कृषि तकनीक, और नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्रों में नए आयामों पर चर्चा हुई।
किरती वर्धन सिंह ने कहा, “भारत अफ्रीका के अपने साझेदार देशों के साथ समानता और परस्पर सम्मान के आधार पर काम करता है। माली हमारे लिए अफ्रीका में एक महत्वपूर्ण सहयोगी देश है। हमने द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने के लिए कई विषयों पर विचार-विमर्श किया। सूत्रों के मुताबिक, बैठक में माली की ओर से भी भारत के विकासात्मक और तकनीकी सहयोग की सराहना की गई। माली के विदेश मंत्री ने कहा कि भारत द्वारा शिक्षा और चिकित्सा क्षेत्र में दी जा रही सहायता ने माली के युवाओं और नागरिकों को नई दिशा दी है। उन्होंने भारत की आईटी और फार्मा इंडस्ट्री की भूमिका को भी सराहा।
गौरतलब है कि भारत और माली के बीच लंबे समय से ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंध रहे हैं। भारत ने माली में कई विकास परियोजनाओं, जैसे — सोलर एनर्जी प्लांट, स्किल डेवलपमेंट सेंटर, और हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर — में सहयोग दिया है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, NAM सम्मेलन के मौके पर हुई यह बैठक भारत की अफ्रीका नीति को और गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। भारत का उद्देश्य अफ्रीकी देशों के साथ साझा विकास और वैश्विक दक्षिण के सशक्तिकरण को बढ़ावा देना है।
बैठक में यह भी तय किया गया कि दोनों देश आने वाले महीनों में संयुक्त कार्य समूह के स्तर पर चर्चाओं को आगे बढ़ाएंगे ताकि सहयोग के ठोस क्षेत्रों पर अमल किया जा सके। भारत की "Africa First" नीति के तहत, दोनों देशों ने एकमत से कहा कि शिक्षा, रक्षा प्रशिक्षण, डिजिटल कनेक्टिविटी और जलवायु परिवर्तन से निपटने जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाना समय की आवश्यकता है।