Mumbai मुंबई: भारत और फ्रांस के बीच विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को लेकर मुंबई में राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने व्यापक बातचीत की। यह बैठक इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि दोनों देशों ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को वैश्विक स्थिरता और प्रगति के लिए विशेष साझेदारी के रूप में बढ़ावा दिया है।
बैठक में उद्योग, रक्षा, स्वच्छ ऊर्जा, अंतरिक्ष और उभरती तकनीकों में सहयोग पर विस्तार से चर्चा हुई। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और फ्रांस अब स्टार्टअप्स और एमएसएमई के बीच मजबूत नेटवर्क बनाने, छात्रों और शोधकर्ताओं के आदान-प्रदान को सुविधाजनक बनाने और नए संयुक्त नवाचार केंद्र स्थापित करने पर काम करेंगे। इसके अलावा दोनों देशों ने यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया कि तकनीकी और वैज्ञानिक सहयोग के माध्यम से वैश्विक चुनौतियों का समाधान किया जा सके। फ्रांस की प्रमुख कंपनियों और भारतीय उद्योगपतियों के बीच साझेदारी बढ़ाने के तरीकों पर भी चर्चा हुई।
बैठक के दौरान यह भी स्पष्ट किया गया कि भारत और फ्रांस की साझेदारी केवल आर्थिक सहयोग तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि वैश्विक स्थिरता, सुरक्षा और सतत विकास के क्षेत्रों में भी गहरा प्रभाव डालेगी। दोनों नेताओं ने यह संकल्प लिया कि अगले वर्षों में रणनीतिक सहयोग को और मजबूत किया जाएगा और नवाचार, तकनीकी अनुसंधान और शिक्षा के क्षेत्र में संयुक्त पहलें बढ़ाई जाएंगी। इस बैठक से संकेत मिलता है कि भारत और फ्रांस न केवल द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए प्रतिबद्ध हैं, बल्कि वैश्विक स्तर पर स्थिरता और प्रगति के लिए भी सामूहिक प्रयास करेंगे। यह द्विपक्षीय रणनीति आने वाले वर्षों में आर्थिक, तकनीकी और रक्षा सहयोग को नई दिशा देने वाली मानी जा रही है।