Delhi दिल्ली। INDIA गठबंधन के नेताओं ने राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात कर चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में विपक्षी दलों ने भारतीय जनता पार्टी और भारत निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाए हैं। विपक्ष ने दावा किया कि देश में एक के बाद एक चुनावों में बड़े पैमाने पर कथित वोट चोरी हुई है।
ज्ञापन में हरियाणा, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार, दिल्ली और पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनावों का उल्लेख किया गया है। विपक्ष ने दावा किया कि इन राज्यों में चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित किया गया। साथ ही EVM और मतदाता सूची में कथित हेरफेर के आरोप भी लगाए गए। विपक्षी दलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर भी गंभीर आरोप लगाते हुए उनकी जवाबदेही पर सवाल उठाए। ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि चुनाव आयोग ने कथित अनियमितताओं को छिपाया और सुप्रीम कोर्ट के समक्ष सही जानकारी प्रस्तुत नहीं की। हालांकि, ये विपक्ष के आरोप हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।


ज्ञापन में संविधान के अनुच्छेद 326 का उल्लेख करते हुए कहा गया कि मतदान का अधिकार भारत की प्रतिनिधि लोकतांत्रिक व्यवस्था का आधार है। विपक्ष ने कहा कि चुनाव आयोग इस अधिकार का संवैधानिक संरक्षक है और उसे संविधान के प्रति जवाबदेह होना चाहिए। इससे पहले विपक्षी दलों ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर विरोध प्रदर्शन किए थे। मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग भी लगातार उठाई जा रही है। राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद राहुल गांधी ने कहा कि राष्ट्रपति ने विपक्ष के वोट चोरी संबंधी आरोपों के समर्थन में सबूत मांगे हैं।दूसरी ओर, चुनाव आयोग ने SIR प्रक्रिया का बचाव करते हुए कहा है कि उसके आदेश कानूनी प्रक्रियाओं के अनुरूप हैं।फिलहाल विपक्ष ने अपने आरोप और मांगें राष्ट्रपति के समक्ष रख दी हैं। इन आरोपों की सत्यता का निर्धारण संबंधित साक्ष्यों और सक्षम संस्थाओं की जांच के आधार पर ही हो सकता है।
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