शमशान भूमि पर अवैध कब्जा, प्रशासन हुआ सख्त

ठोस कार्रवाई

Update: 2025-11-10 17:25 GMT
Shahjahanpur शाहजहांपुर: जिले में मरघट की जमीन पर वर्षों से कब्जा जमाए गए अवैध मकानों को जिला प्रशासन ने ध्वस्त करना शुरू कर दिया है। जलालाबाद तहसील के रौली बौरी गांव में यह कार्रवाई सोमवार को शुरू हुई, जिसमें प्रशासन ने 40 से 45 अवैध मकानों को हटाने का अभियान चलाया। मामला करीब 13 बीघा शमशान भूमि का है, जो राजस्व अभिलेखों में दर्ज है। कुछ वर्षों पहले गांव के ही लोगों ने इस भूमि पर धीरे-धीरे कब्जा कर पक्के मकान बना लिए थे। इससे गांव में हिंदू परिवारों के लिए अंतिम संस्कार की जगह कम पड़ गई। स्थानीय हिंदू संगठनों की मांग और दबाव के बाद प्रशासन ने कब्जाधारकों को नोटिस और मुनादी के जरिए शमशान की जमीन खाली करने का निर्देश दिया। 

शाहजहांपुर के एडीएम रजनीश कुमार मिश्रा ने बताया कि तहसीलदार कोर्ट के आदेश के तहत धारा 67 के तहत बेदखली की कार्रवाई की गई। कब्जाधारकों को नोटिस देने के बाद मुनादी कराकर उन्हें स्पष्ट किया गया कि 10 नवंबर तक भूमि खाली नहीं करने पर प्रशासन कार्रवाई करेगा। कई लोग खुद ही कब्जा हटाने आए, जबकि कुछ ने नहीं माना। इसके बाद जिला और तहसील प्रशासन ने भारी पुलिस बल के साथ अवैध अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की। एडीएम मिश्रा ने बताया कि जिन मकानों पर पीएम आवास योजना के तहत निर्माण हुआ है, उन्हें चिन्हित करके सील किया जा रहा है। इस पर आगे प्रशासन निर्णय लेकर कार्रवाई करेगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अब तक किसी भी कब्जाधारक ने कोर्ट में स्टे की याचिका नहीं डाली है। 

गांव के हिंदू परिवारों ने बताया कि वर्षों की कानूनी लड़ाई और संघर्ष के बाद प्रशासन ने उनकी मांग मानते हुए भूमि को पुनः शमशान के रूप में सरकारी अभिलेखों में दर्ज किया। इससे गांव में अंतिम संस्कार के लिए जगह सुनिश्चित होगी। इस कार्रवाई से यह संदेश भी गया कि अवैध अतिक्रमण को सरकार बर्दाश्त नहीं करेगी। प्रशासन ने कहा कि कानून और सरकारी अभिलेखों के अनुसार भूमि का सही उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा। शमशान की जमीन खाली होने से गांव के धार्मिक और सामाजिक कार्य सुचारु रूप से संपन्न होंगे। इस मामले में हिंदू संगठनों ने प्रशासन की इस ठोस कार्रवाई की सराहना की है। वहीं, जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि अवैध कब्जाधारकों को सभी कानूनी अवसर दिए गए थे और अब कार्रवाई पूरी तरह वैधानिक और न्यायसंगत है। इस प्रकार शाहजहांपुर जिले में मरघट और शमशान भूमि पर वर्षों से चले विवाद का समाधान प्रशासन की सक्रिय भूमिका और कानूनी प्रक्रिया के तहत हुआ है।
Tags:    

Similar News