मुंबई: शिवसेना (यूबीटी) को छोड़कर एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली शिवसेना में शामिल होने वाले आनंद दुबे ने घर वापसी की बात कही है। उन्होंने मल्लिकार्जुन खड़गे की ओर से प्रधानमंत्री को पत्र लिखने और रक्षा मंत्री की ओर से विपक्ष पर निशाना साधने पर भी प्रतिक्रिया दी।
एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली शिवसेना में शामिल होने पर आनंद दुबे ने कहा, "सबसे पहले तो मैं यह कहना चाहूंगा कि मैं अपने घर वापस आ गया हूं। मैं शिवसेना में ही था। बीच में उस पार्टी का नाम शिवसेना (यूबीटी) हो गया था और अब मैं फिर शिवसेना में आ गया। जिस प्रकार हिंदू हृदय सम्राट बाला साहेब ठाकरे ने हमें सिखाया है कि देश सबसे पहले, अपना धर्म सबसे पहले, अपना सनातन सबसे पहले, अपना हिंदुत्व सबसे पहले, वही लाइन एकनाथ शिंदे लेते हैं। हमारे नेता एकनाथ शिंदे हैं, एकनाथ शिंदे की हमेशा बात रहती है 'नेशन फर्स्ट'।"
आनंद दुबे ने आगे कहा, "उनकी बात 'नेशन फर्स्ट', मेरी बात 'नेशन फर्स्ट', तो बात ही खत्म हो गई। तो मैं अपने घर में ही हूं और मुझे लगता है कि उनके साथ मैं राष्ट्र निर्माण में जो भी छोटी-बहुत भूमिका गिलहरी के समान निभा पाऊंगा, मुझे गर्व होगा कि मैं अपने राष्ट्र के लिए काम कर रहा हूं। मुझे बहुत खुशी है कि मैं अपने परिवार में लौटा हूं और मैं अब अधिकार से पूरे देश में जाकर सरकार की बात बता सकता हूं, योजनाएं गिना सकता हूं, और एनडीए परिवार में शामिल हुआ हूं। मैं सभी को बहुत-बहुत धन्यवाद देता हूं। पीएम मोदी के नेतृत्व में यह देश एक दिन जरूर पूरी दुनिया को दिशा देगा।"
शिवसेना नेता आनंद दुबे ने कहा, "अमेरिका से हमारे बहुत पुराने रिश्ते हैं। जैसे हम एक देश हैं, वैसे अमेरिका एक देश है। कभी खबरें आती हैं कि टैरिफ लग सकता है। यह एक अंतरराष्ट्रीय मामला है। इस पर हमारे विदेश मंत्री एस. जयशंकर बखूबी बातचीत भी करते हैं। हमारी कूटनीति होती है। हमारा एक ही मकसद है कि हमारे व्यापारियों का, हमारे देश के नागरिकों का ज्यादा से ज्यादा फायदा हो सके और विश्व में हम अपनी एक छाप छोड़ सकें। इस पर कितना लगेगा, कितना नहीं लगेगा, इस पर जब तक व्यापक रूप से ऑफिशियली कोई एग्रीमेंट नहीं आ जाता, कोई दस्तावेज साइन नहीं हो जाता, तब तक इस पर तो हम सिर्फ यही चाहेंगे कि हम ज्यादा से ज्यादा अपना फायदा करा सकें।"
आनंद दुबे ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिखने पर कहा, "मल्लिकार्जुन खड़गे कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष हैं, वह बिल्कुल पत्र लिख सकते हैं। वह विपक्ष के बड़े चेहरे हैं। आप पत्र लिखिए, समय मांगिए, बातचीत करिए, संवाद करिए, सकारात्मक राजनीति करिए। देश तोड़ने की बात को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कोई सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाएगा, यह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कोई अराजकता फैलाना चाहेगा, हिंसा फैलाना चाहेगा, भारत को नेपाल, बांग्लादेश, श्रीलंका जैसा बनाना चाहेगा, तो यह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हमें लगता है कि ठीक है, अब उन्होंने चिट्ठी लिखी है, अब ओम बिरला जी उस पर चर्चा करेंगे कि विशेष सत्र बुलाना है कि नहीं बुलाना है, वह सब बातचीत होगी।"
आनंद दुबे ने कहा, "राजनाथ सिंह देश के रक्षा मंत्री हैं। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री रह चुके हैं, देश में मंत्री हैं, एक भारत को समझते हैं, उत्तर प्रदेश से ही आते हैं। वह जो कह रहे हैं, वह शत-प्रतिशत सही है। रायबरेली हो या अमेठी, हर जगह समाजवादी पार्टी और कांग्रेस का गठबंधन होता है। वह लोग मिल-जुलकर चुनाव लड़ते हैं। पिछले 40 वर्षों से वहां कांग्रेस का कुछ नहीं है। न तो उनका मुख्यमंत्री बना है, न उनकी सरकार आई है। 2012 से 2017 तक समाजवादी पार्टी की वहां आखिरी सरकार थी, अब न भूतो न भविष्यति।"
आनंद दुबे ने आगे कहा, "अब योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश विकसित हो रहा है, आगे बढ़ रहा है। उत्तर प्रदेश की 25 करोड़ जनता ने अपना हीरो योगी आदित्यनाथ के रूप में चुन लिया है। हमें लगता है कि ऐसे में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी दोनों के लिए जमीन तो है नहीं।"
Tags: