नासिक। महाराष्ट्र के मुंबई-नाशिक महामार्ग पर नए कसारा घाट में एक दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया है। यहां एक अनियंत्रित कंटेनर के पलटने से मोटरसाइकिल सवार पति-पत्नी की मौत हो गई। हैरान करने वाली बात यह है कि हादसे के समय किसी को भी कंटेनर के नीचे दबे दंपति की जानकारी नहीं हुई। दुर्घटना के अगले दिन जब प्रशासन ने कंटेनर हटाने का काम शुरू किया, तब उसके नीचे मोटरसाइकिल और पति-पत्नी के शव बरामद हुए। इस घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। जानकारी के अनुसार, मृतकों की पहचान जालिंदर भगत और उनकी पत्नी अनुसया भगत के रूप में हुई है। दोनों महाराष्ट्र के घोटी के रहने वाले थे। बताया जा रहा है कि पति-पत्नी एक वर्षश्राद्ध कार्यक्रम में शामिल होने के लिए घोटी से कसारा जा रहे थे। इसी दौरान नए कसारा घाट में यह दर्दनाक हादसा हो गया।
बताया गया है कि शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे मुंबई-नाशिक महामार्ग पर नए कसारा घाट के एक घुमावदार मोड़ पर कंटेनर चालक का वाहन से नियंत्रण छूट गया। इसके बाद भारी कंटेनर सड़क पर पलट गया। हादसे के दौरान मोटरसाइकिल सवार दंपति कंटेनर के नीचे दब गए। दुर्घटना के बाद मौके पर कंटेनर पलटा हुआ दिखाई दे रहा था, लेकिन किसी को यह पता नहीं चला कि उसके नीचे एक मोटरसाइकिल और दो लोग भी दबे हुए हैं। इसके चलते दंपति के बारे में तत्काल कोई जानकारी सामने नहीं आ सकी।
हादसे का खुलासा शनिवार को उस समय हुआ, जब प्रशासन की ओर से सड़क पर पलटे कंटेनर को हटाने का काम शुरू किया गया। कंटेनर हटाने के दौरान मौके से तेज दुर्गंध आने पर आपदा प्रबंधन दल को संदेह हुआ। इसके बाद क्रेन की सहायता से कंटेनर को उठाया गया। जैसे ही कंटेनर हटाया गया, उसके नीचे एक मोटरसाइकिल और पति-पत्नी के शव मिले। यह दृश्य देखकर मौके पर मौजूद लोग हैरान रह गए। इसके बाद संबंधित अधिकारियों को घटना की जानकारी दी गई।
सूचना मिलते ही आपदा प्रबंधन दल, हाईवे पुलिस और कसारा पुलिस मौके पर पहुंची। टीम ने दोनों शवों को बाहर निकालने की कार्रवाई की। इसके बाद शवों को पोस्टमार्टम और आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए कसारा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भेज दिया गया। इस घटना में सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि शुक्रवार को हुए हादसे का वास्तविक स्वरूप शनिवार को सामने आया। कंटेनर के नीचे मोटरसाइकिल और दंपति के दबे होने की जानकारी दुर्घटना के तुरंत बाद नहीं मिल सकी थी।
जालिंदर भगत और अनुसया भगत एक पारिवारिक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए निकले थे, लेकिन रास्ते में हुए हादसे में दोनों की जान चली गई। इस घटना ने उनके परिवार को गहरा सदमा पहुंचाया है। नए कसारा घाट में हुई इस दुर्घटना के बाद घाट क्षेत्र में भारी वाहनों की आवाजाही और सड़क सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं। विशेष रूप से घुमावदार रास्तों पर बड़े वाहनों के नियंत्रण और दुर्घटना के बाद बचाव कार्य की व्यवस्था पर ध्यान देने की जरूरत सामने आई है। फिलहाल कसारा पुलिस मामले की जांच कर रही है। कंटेनर चालक का वाहन से नियंत्रण किन परिस्थितियों में छूटा, इसकी विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आई है। पुलिस दुर्घटना से जुड़े तथ्यों की जांच में जुटी हुई है।
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