हाईप्रोफाइल सेक्स रैकेट का भांडाफोड़, नशे के इंजेक्शन देकर करवाते थे सेक्स
जानिए क्या है पूरा मामला
DEMO PIC
उत्तराखंड। उत्तराखंड के इस शहर के बीचों बीच भोटिया पड़ाव की संजय कॉलोनी के एक घर से अपहृत नाबालिग लड़की के बरामद होने का मामला सामने आने से हर कोई हैरान है। बताया जा रहा है कि किशोरी को इसी घर में किराए के कमरे में रखा गया था। इस बीच किशोरी को नशे के इंजेक्शन दिए गए। इस कमरे से लड़कियों को यहां-वहां पहुंचाने का पूरा जिम्मा पश्चिम बंगाल में बैठी मानव तस्करी की सरगना तान्या शेख संभाल रही थी। ऐसा नहीं है कि पुलिस को होटल-स्पा सेंटरों में युवतियों की खरीद फरोख्त के इनपुट नहीं मिलते हैं। कई बार पुलिस की ओर से छापेमारी भी की जाती है, लेकिन मानव तस्करी के आरोपियों की सेटिंग और दलालों की सटीक जानकारी से हर बार पुलिस सिर्फ चालान तक सीमित रह जाती है।
पहली बार नैनीताल पुलिस को पुख्ता इनपुट मिला और बिना देरी किए पुलिस ने दबिश दे दी। हालांकि पुलिस को इस दौरान भारी विरोध और मारपीट का सामना करना पड़ा, लेकिन आखिरकार पुलिस नाबालिग लड़की को बरामद कर लिया। साथ ही अपहरण के आरोपी रज्जक पाइक को दबोचने में कामयाब रही। प्राथमिक पूछताछ में सामने आया है कि पश्चिम बंगाल निवासी तान्या शेख ने हल्द्वानी में मानव तस्करी का नेटवर्क चलाती थी। यहां किराये में कमरा लेकर वह लड़कियों को ठहराती थी। इस दौरान तान्या शेख बिना पहचान उजागर किए कई बार हल्द्वानी आई और नई डिमांड के साथ आसानी से वापस पश्चिम बंगाल भी लौट गई। छानबीन में सामने आया है कि किशोरी को सात दिन पहले ही हल्द्वानी लाया गया था। इस बीच किशोरी को नशे के इंजेक्शन दिए गए। सात दिनों तक रज्जक पाइक किशोरी को अलग-अलग होटलों में भेजा गया। किशोरी को इतना प्रताड़ित किया गया कि वह इस बीच कभी होश में ही नहीं आई। बताया जा रहा है कि किशोरी मानव तस्करी की सरगना तान्या शेख की रिश्ते की भांजी है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक तान्या शेख का हल्द्वानी, नैनीताल, ऊधमसिंह नगर के स्पा सेंटर संचालकों के साथ संपर्क था। स्पा संचालकों की मांग पर तान्या इनके लिए लड़कियां उपलब्ध कराती थी। जिनको गैरकानूनी तरीके से हल्द्वानी के कई ठिकानों में रखा जाता था। सूत्रों के मुताबिक पूरे गैंग का शहर के रसूखदारों के साथ तगड़ा संपर्क है। रसूखदारों के ही वाहनों से युवतियों को यहां से वहां भेजा जाता है, जिससे किसी को शक न हो। कभी मामला बिगड़ने पर यही रसूखदार ढाल बनकर आगे खड़े होने का काम करते हैं, जिन्हें बदले में युवतियां ऑफर की जाती हैं। पूरे मामले में अपहरणकर्ता के बयान महत्वपूर्ण हैं। कमरा किराए पर लेने वाली तान्या शेख पुलिस की पहुंच से दूर है। गिरफ्तार रज्जक पाइक ही यहां आकर मानव तस्करी के धंधे को आगे बढ़ा रहा था। अब नैनीताल पुलिस पश्चिम बंगाल पुलिस के आने का इंतजार कर रही है, जिसके बाद रज्जक से पूछताछ में सामने आएगा कि अब तक यहां कितनी युवतियों को यलाया गया और उन्हें कहां कहां भेजा गया। मामले में पुलिस जल्द ही बड़ा खुलासा कर सकती है।
पुलिस के मुताबिक मारपीट की घटना के बाद आरोपी आसिम रजा और उसके दोनों बेटों को गिरफ्तार कर लिया था। सूत्रों के मुताबिक आरोपियों ने पुलिस के समक्ष मानव तस्करी में शामिल होने की बात से इनकार किया। उनका कहना है उन्होंने तान्या को कमरा किराए पर दिया था। यहां कौन आता-जाता था इसकी जानकारी नहीं है। गलती बस इतनी है उन्होंने कमरा किराए पर देने से पहले सत्यापन नहीं करवाया था। पुलिस तान्या के साथ इनका लिंक तलाशने में जुट गई है। पुलिस के आसिम रजा, बेटा अशद रजा और हसन रजा पर पुलिस कर्मियों को बंधक बनाकर मारपीट का आरोप है। आसिम की पत्नी मीना, बेटी हासिया व अनम पर चीख पुकार कर अभद्रता का झूठा आरोप लगाने, पुलिस कर्मियों को रोकने, मुख्य गेट बंद करने और मानव व्यापार की सरगना तान्या शेख को बिना सत्यापन किराए पर रखने का आरोप है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ 47, 186, 212, 225, 332, 353, 504, 341 और 342 धारा के तहत मुकदमा दर्ज किया है।