भारत की ग्रोथ पर सवाल उठाने वालों को गोयल ने दिखाया आईना
अंगूर खट्टे हैं’ GDP विवाद पर पीयूष गोयल का विपक्ष पर हमला
Delhi दिल्ली। देश की GDP ग्रोथ के आंकड़ों को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। विपक्षी नेताओं की ओर से आंकड़ों पर सवाल उठाए जाने के बाद केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि GDP के आंकड़े केवल सरकार की उपलब्धि नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों की मेहनत, ईमानदारी और क्षमता का परिणाम हैं। पीयूष गोयल ने विपक्ष के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह वही व्यवस्था है जो वर्षों से आर्थिक आंकड़े तैयार करती आ रही है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “अंगूर खट्टे हैं।” गोयल ने कहा कि देश की मजबूत आर्थिक स्थिति को स्वीकार करने के बजाय सवाल उठाना उन करोड़ों भारतीयों का अपमान है, जो लगातार मेहनत कर रहे हैं।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि GDP के आंकड़ों को लेकर सरकार पर हमला करना सही नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दलों की आलोचना वास्तव में उन भारतीय नागरिकों की मेहनत पर सवाल उठाने जैसी है, जिन्होंने देश की अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने में योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था लगातार नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रही है और इसके पीछे उद्योगों, किसानों, कर्मचारियों, व्यापारियों और आम नागरिकों का योगदान है। उन्होंने कहा कि आर्थिक विकास किसी एक राजनीतिक दल की वजह से नहीं बल्कि पूरे देश के सामूहिक प्रयासों से संभव होता है।
GDP यानी सकल घरेलू उत्पाद किसी देश की आर्थिक गतिविधियों को मापने का प्रमुख पैमाना माना जाता है। इसमें उत्पादन, सेवाओं और आर्थिक गतिविधियों की स्थिति को शामिल किया जाता है। सरकार इन आंकड़ों को देश की आर्थिक मजबूती का संकेत बताती है, जबकि विपक्ष कई बार इनके आंकड़ों और प्रभाव को लेकर सवाल उठाता रहा है। पीयूष गोयल ने कहा कि भारत आज दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हो रहा है। उन्होंने कहा कि देश के लोगों की मेहनत और सरकार की नीतियों के कारण आर्थिक क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहे हैं।
वहीं, GDP आंकड़ों को लेकर विपक्ष और सरकार के बीच बयानबाजी जारी है। विपक्ष का कहना है कि आर्थिक विकास का लाभ आम लोगों तक पहुंचना चाहिए और रोजगार जैसे मुद्दों पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए। फिलहाल GDP ग्रोथ के आंकड़ों को लेकर सियासी बहस जारी है। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल के बयान के बाद यह मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक चर्चा के केंद्र में आ गया है।