Bhopal भोपाल। मध्य प्रदेश के सागर में पुलिस ने एक टैक्सी ड्राइवर के घर से करीब 3.02 करोड़ रुपये नकद जब्त किए हैं। इतनी बड़ी मात्रा में नकदी मिलने के बाद पुलिस ने इसके स्रोत और वास्तविक मालिक का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी है। मामले की जानकारी आयकर विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियों के साथ भी साझा की जा रही है। मामला सागर के गोपालगंज थाना क्षेत्र के टिली तिगड्डा का है। रविवार को पुलिस ने सौरभ अहिरवार के घर की तलाशी ली थी। दिलचस्प बात यह है कि पुलिस वहां शुरुआत में नकदी की तलाश में नहीं पहुंची थी। सोशल मीडिया पर एक तस्वीर सामने आई थी, जिसमें सौरभ के हाथ में पिस्तौल जैसी वस्तु दिखाई दे रही थी। इसी तस्वीर की जांच के सिलसिले में पुलिस उसके घर पहुंची थी।
तलाशी के दौरान पुलिस को घर में कोई हथियार नहीं मिला। हालांकि जांच के दौरान एक बंद अलमारी ने पुलिस का ध्यान खींचा। अलमारी खोलने पर उसके अंदर रखे बैगों से बड़ी मात्रा में नकदी बरामद हुई। रकम इतनी ज्यादा थी कि पुलिस को मौके पर ही नोट गिनने की मशीन मंगानी पड़ी। गिनती के बाद नकदी करीब 3.02 करोड़ रुपये निकली। सागर के पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया के मुताबिक घर से करीब तीन करोड़ रुपये बरामद हुए हैं। रकम को सुरक्षित रखकर इसके स्रोत और मालिकाना हक की जांच की जा रही है। आगे की जांच के लिए आयकर विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियों को भी जानकारी दी जा रही है।
पूछताछ के दौरान परिवार ने पुलिस को बताया कि कथित तौर पर यह रकम उनके रिश्तेदार रमेश कुमार अहिरवार की है। बताया गया कि रमेश भोपाल में लोक निर्माण विभाग के सेवानिवृत्त इंजीनियर हैं और वर्तमान में मध्य प्रदेश रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन में अनुबंध पर सीजीएम के रूप में कार्यरत हैं। हालांकि रमेश अहिरवार ने नकदी से अपना संबंध होने से इनकार किया है। उन्होंने सवाल उठाया कि उनका नाम इस रकम के साथ क्यों जोड़ा जा रहा है। इस विरोधाभासी दावे के बाद पुलिस के सामने नकदी के वास्तविक मालिक और स्रोत का पता लगाना महत्वपूर्ण हो गया है।
परिवार ने पुलिस को यह भी बताया कि रमेश अपनी पत्नी के साथ घर आए थे और कथित तौर पर नकदी से भरे बैग नई खरीदी गई अलमारी में रखकर उसकी चाबी अपने साथ ले गए थे। पुलिस को तलाशी के दौरान अलमारी बंद मिली और उसकी चाबी घर में नहीं थी। इसके बाद ताला खोलकर जांच की गई। जिस सोशल मीडिया फोटो के कारण पूरी कार्रवाई शुरू हुई, उसकी भी जांच की जा रही है। परिवार का दावा है कि तस्वीर में सौरभ के हाथ में दिखाई देने वाली वस्तु असली पिस्तौल नहीं बल्कि बंदूक के आकार का लाइटर था। तलाशी के दौरान घर से कोई हथियार बरामद नहीं हुआ है। फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इतनी बड़ी रकम घर तक कैसे पहुंची, इसका वास्तविक मालिक कौन है और नकदी का स्रोत क्या है। वित्तीय रिकॉर्ड समेत अन्य साक्ष्यों की जांच के बाद मामले की स्थिति और स्पष्ट होने की उम्मीद है।
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