गिरफ्तार TMC नेता के सहयोगी के पास से चार करोड़ के सोने के आभूषण बरामद
जांच में हो रहे कई बड़े खुलासे
Kolkata. कोलकाता। पश्चिम बंगाल में कथित अवैध संपत्ति और रंगदारी से जुड़े मामलों की जांच के बीच पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। नादिया जिले में जिला परिषद सदस्य टीना भौमिक साहा के घर से करीब 3 किलोग्राम सोने के गहने बरामद किए गए हैं, जिनकी बाजार कीमत 4 करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई है। बरामदगी के बाद पुलिस ने पूरे मामले की जांच तेज कर दी है और सोने के स्रोत का पता लगाने में जुट गई है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई बिधाननगर के पूर्व मेयर और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) नेता सब्यसाची दत्ता से पूछताछ के दौरान मिली जानकारी के आधार पर की गई। सब्यसाची दत्ता को इसी महीने रंगदारी, अवैध संपत्ति और अन्य गंभीर आरोपों के मामले में गिरफ्तार किया गया था। उनकी गिरफ्तारी के बाद पुलिस लगातार उनकी संपत्तियों, बैंक खातों और कथित वित्तीय लेन-देन की जांच कर रही है।
जांच एजेंसियों को पूछताछ के दौरान कुछ अहम जानकारियां मिली थीं, जिसके आधार पर नादिया जिले के तेहट्टा इलाके में स्थित टीना भौमिक साहा के आवास पर तलाशी अभियान चलाया गया। पुलिस की टीम ने देर रात कार्रवाई शुरू की, जो पूरी रात जारी रही। तलाशी के दौरान घर से भारी मात्रा में सोने के गहने बरामद किए गए। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, जब्त किए गए सोने का कुल वजन लगभग 3 किलोग्राम है। मौजूदा बाजार मूल्य के अनुसार इसकी कीमत 4.39 करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है। बरामदगी के बाद सोने को कब्जे में लेकर जांच के लिए सुरक्षित रखा गया है। टीना भौमिक साहा नादिया जिला परिषद की सदस्य हैं और उन्हें क्षेत्र में सक्रिय तृणमूल कांग्रेस नेता माना जाता है।
जांच एजेंसियों का दावा है कि उनके और गिरफ्तार पूर्व मेयर सब्यसाची दत्ता के बीच करीबी संबंध रहे हैं। इसी वजह से पुलिस अब दोनों के बीच संभावित वित्तीय लेन-देन और संपत्ति संबंधों की भी पड़ताल कर रही है। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि सब्यसाची दत्ता की कथित अवैध संपत्तियों की जांच के दौरान उनके राजारहाट स्थित फ्लैट और एक बैंक लॉकर से सोना खरीदने से जुड़े दस्तावेज और रसीदें मिली थीं। इसके अलावा बड़ी मात्रा में सोने के आभूषण भी बरामद किए गए थे। इन बरामदगियों के बाद जांचकर्ताओं को संदेह हुआ कि कथित रूप से अर्जित धन को सोने में निवेश किया गया हो सकता है।
सूत्रों के अनुसार, पूछताछ के दौरान मिली जानकारियों के आधार पर पुलिस ने सब्यसाची दत्ता को साथ लेकर तेहट्टा में छापेमारी की। जांचकर्ताओं ने मौके पर पहुंचकर विस्तृत तलाशी अभियान चलाया और कथित रूप से बड़ी मात्रा में सोना बरामद किया। इस बरामदगी को मामले की जांच में महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि टीना भौमिक साहा के पास इतनी बड़ी मात्रा में सोना कहां से आया। जांच अधिकारी उनके आय के स्रोत, बैंकिंग रिकॉर्ड, संपत्ति विवरण और अन्य वित्तीय दस्तावेजों की जांच कर रहे हैं। इसके साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि बरामद सोना वैध रूप से खरीदा गया था या नहीं।
हालांकि, टीना भौमिक साहा की ओर से इस मामले पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। वहीं पुलिस ने भी जांच को प्रभावित होने से बचाने के लिए अधिक जानकारी सार्वजनिक नहीं की है। अधिकारियों का कहना है कि सभी तथ्यों की पुष्टि होने के बाद ही मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी। राजनीतिक रूप से भी यह मामला चर्चा का विषय बन गया है। विपक्षी दलों ने इस बरामदगी को लेकर राज्य सरकार और सत्तारूढ़ दल पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। विपक्ष का आरोप है कि राज्य में भ्रष्टाचार और अवैध संपत्ति के मामलों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।
दूसरी ओर, तृणमूल कांग्रेस की ओर से अभी तक इस मामले में कोई विस्तृत प्रतिक्रिया नहीं दी गई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ इस मामले में और भी खुलासे हो सकते हैं, जिससे राज्य की राजनीति में हलचल बढ़ सकती है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल बरामद सोने की वैधता, उसके स्वामित्व और खरीद के स्रोत की जांच की जा रही है। यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता या अवैध लेन-देन के प्रमाण मिलते हैं, तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस बीच, जांच एजेंसियां सब्यसाची दत्ता से भी लगातार पूछताछ कर रही हैं। अधिकारियों को उम्मीद है कि आगे की जांच में अवैध संपत्ति, वित्तीय लेन-देन और कथित रंगदारी नेटवर्क से जुड़े और महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं। फिलहाल पूरे मामले पर राज्य की राजनीतिक और प्रशासनिक नजरें टिकी हुई हैं।