Uttar Pradesh:
पानी के टैंक को साफ करने के लिए उतरे वृंदावन चैतन्य विहार सेक्टर-2 के पाणिनि संस्कृत गुरुकुलम के 5 छात्र इसमें डूब गए। टैंक में बनी जहरीली गैस के कारण छात्र मनू कटारे (22), विशू शर्मा (19), आर्यन पांडेय (16) और 17 वर्षीय देवांश शर्मा माैत हो गई, जबकि रुद्राक्ष का उपचार चल रहा है। हादसे के बाद गुरुकुलम के संचालक माैके से भाग गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने छात्रों को अस्पताल पहुंचाया, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया।

वाकया मंगलवार रात करीब 10 बजे का है। पाणिनि संस्कृत गुरुकुलम की जगह एक साल पहले तक उमा कमला नाम से गेस्ट हाउस का संचालन होता था। आशीष शर्मा ने किराये पर जमीन लेकर गुरुकुलम का संचालन शुरू कर दिया। इसके पीछे करीब 12 फीट का एक पानी का टैंक है, जो गुरुकुल के संचालने से ही बंद है। गुरुकुल में करीब 200 से अधिक छात्र संस्कृत की पढ़ाई करते हैं। वर्तमान में यहां पर 100 छात्र रह रहे हैं। गुरुकुलम में कक्षा 6 से 12वीं तक की कक्षाएं चलती हैं।

मंगलवार रात को गुरुकुलम के संचालक आचार्य आशीष ने छात्रों से टैंक साफ करने के लिए कहा। इसके बाद मध्य प्रदेश के जबलपुर निवासी मनु कटारे, देवांश शर्मा मेरठ निवासी विशू शर्मा, प्रयागराज निवासी आर्यन पांडेय और रुद्राक्ष टैंक की सफाई करने के लिए तैयार हो गए। सबसे पहले मनू कटारे टैंक का ढक्कर खोलकर उसमें उतर गये। थोड़ी ही देर में उसकी हालत खराब होने लगी।

उन्हें बचाने के लिए बाकी के चार छात्र भी उसमें उतर गए। इससे वह भी टैंक में फंस गए। इससे वहां अन्य छात्रों ने मदद से लिए आवाज लगानी शुरू कर दी। आवाज सुनकर पड़ोस में रहने वाले कृष्णा तिवारी माैके पर पहुंचे और टैंक से दो छात्रों को बाहर निकाला। इसके बाद अन्य आचार्य और छात्रों की मदद से सभी को टैंक से बाहर निकाला गया।

 

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