पहले जेल, फिर फूट की खबरें और अब मुक्के वाली सेल्फी; अभिजीत दीपके
CJP सोशल मीडिया पोस्ट
दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक और संयोजक अभिजीत दीपके एक बार फिर चर्चा में हैं। इस बार मामला पार्टी के भीतर कथित मतभेदों और आंदोलन को लेकर उठ रहे सवालों से जुड़ा है। सोशल मीडिया पर ऐसी अटकलें लगाई जा रही हैं कि दीपके और उनके दो सहयोगियों सौरभ दास तथा आशुतोष रांका के बीच दूरियां बढ़ गई हैं। इन चर्चाओं के बीच दीपके ने सोमवार, 26 अक्टूबर को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर तीनों की एक मजेदार तस्वीर साझा कर अपने अंदाज में जवाब दिया।
तिहाड़ जेल जाने के बाद उठे सवाल
बताया जा रहा है कि आंदोलन से जुड़े मामले में सौरभ दास और आशुतोष रांका को सात दिनों तक तिहाड़ जेल में रहना पड़ा। इसके बाद कुछ विरोधियों ने अभिजीत दीपके की भूमिका पर सवाल उठाए। आरोप लगाया गया कि दीपके खुद आंदोलन में पीछे रहे, जबकि उनके दोनों सहयोगियों को कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ा। हालांकि, ये आरोप विरोधियों की ओर से लगाए गए हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
दिवाली तक आंदोलन रोकने की अपील पर विवाद
विवाद उस समय और बढ़ गया, जब दीपके ने एक वीडियो संदेश में लोगों से दिवाली तक आंदोलन स्थगित रखने की अपील की। इसी संदेश में उन्होंने कहा था कि आंदोलन का नेतृत्व मुख्य रूप से सौरभ दास और आशुतोष रांका कर रहे थे। कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने इस बयान को दीपके की ओर से जिम्मेदारी से दूरी बनाने की कोशिश के रूप में देखा। वहीं, पार्टी के तीनों प्रमुख चेहरों के बीच मतभेद होने की अटकलें भी शुरू हो गईं।
काली टी-शर्ट पहनकर तीनों ने दिया जवाब
इन चर्चाओं के बीच दीपके ने एक्स पर एक तस्वीर पोस्ट की, जिसमें वह सौरभ दास और आशुतोष रांका के साथ नजर आ रहे हैं। तस्वीर में तीनों ने काले रंग की टी-शर्ट पहनी हुई है। दीपके बीच में खड़े होकर सेल्फी ले रहे हैं, जबकि दास और रांका उनकी ओर मुक्का मारने का मजाकिया पोज दे रहे हैं।
'हमारे बीच अंदरूनी फूट पड़ गई है'
तस्वीर के साथ दीपके ने व्यंग्यात्मक अंदाज में लिखा कि उनके बीच 'अंदरूनी फूट' पड़ गई है। उनकी इस पोस्ट को आपसी मतभेदों की खबरों पर तंज के तौर पर देखा जा रहा है। तस्वीर में तीनों का हल्का-फुल्का अंदाज सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं के विपरीत दिखाई देता है।
क्या खत्म हो गई मतभेदों की चर्चा?
हालांकि, एक साथ तस्वीर साझा करने से आंदोलन को लेकर उठे सभी सवालों का जवाब नहीं मिलता। फिलहाल तीनों नेताओं के बीच किसी औपचारिक विवाद या अलगाव की पुष्टि नहीं हुई है। दीपके की पोस्ट के बाद अब चर्चा इस बात की है कि CJP आगे आंदोलन को किस दिशा में ले जाएगी और तीनों सहयोगियों की अगली रणनीति क्या होगी।