Shimla. शिमला। हिमाचल प्रदेश सरकार के पंचायती राज विभाग ने ग्राम पंचायतों के ऑनलाइन परिवार रजिस्टर का रिव्यू करने के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। ग्राम पंचायतों के ऑनलाइन परिवार रजिस्टर में दर्ज नामों की गलतियां सुधारने तथा नाम बदलने की प्रक्रिया को स्पष्ट और एक समान बनाने के लिए नए निर्देश जारी किए गए हैं। वभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि ऑनलाइन परिवार रजिस्टर में किसी व्यक्ति के नाम की बर्तनी गलत दर्ज हो गई है, टाइपिंग की गलती है अथवा किसी अक्षर के छूटने या अतिरिक्त जुडऩे जैसी सामान्य त्रुटि है, तो उसे नाम में सामान्य सुधार माना जाएगा। ऐसे मामलों में संबंधित व्यक्ति के आवेदन तथा निर्धारित प्रमाणित दस्तावेजों में से किसी एक के आधार पर पंचायत सचिव नाम की गलती सुधार सकेंगे। इसके लिए जन्म प्रमाण पत्र, दसवीं कक्षा या अन्य मान्यता प्राप्त शैक्षणिक प्रमाण पत्र, स्कूल छोडऩे का प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, पैन कार्ड, पासपोर्ट, सरकारी सेवा अथवा पेंशन रिकॉर्ड, सशस्त्र बलों से संबंधित प्रमाण पत्र या विभाग द्वारा मान्य अन्य सरकारी पहचान दस्तावेज का उपयोग किया जा सकेगा। नाबालिग के मामले में उसके माता-पिता अथवा अभिभावक आवेदन कर सकेंगे। यदि प्रस्तुत दस्तावेज में दर्ज नाम परिवार रजिस्टर के नाम से मूल रूप से अलग है, तो ऐसे मामले को सामान्य सुधार नहीं माना जाएगा। पुराने और नए नाम का प्रमाण विभाग ने स्पष्ट किया है।
यदि कोई व्यक्ति परिवार रजिस्टर में दर्ज अपना नाम बदलकर कोई नया या मूल रूप से अलग नाम दर्ज करवाना चाहता है, तो उसके लिए अलग प्रक्रिया अपनाई जाएगी। इसके लिए आवेदक को ऐसे प्रमाणित दस्तावेज उपलब्ध करवाने होंगे, जिनसे यह स्पष्ट हो कि पुराना और नया नाम एक ही व्यक्ति के हैं। विभाग ने तीसरी श्रेणी में ऐसे मामलों को रखा है जिनमें व्यक्ति की पहचान, माता-पिता के नाम, वैवाहिक स्थिति, उत्तराधिकार या अन्य कानूनी स्थिति को लेकर विवाद हो। इसी प्रकार यदि प्रस्तुत दस्तावेजों में गंभीर विरोधाभास हो, किसी अन्य व्यक्ति की पहचान का उपयोग करने, धोखाधड़ी अथवा रिकॉर्ड में हेरफेर की आशंका हो, तो पंचायत सचिव ऐसे मामलों में सामान्य प्रक्रिया के तहत नाम परिवर्तन नहीं करेंगे। ऐसे मामलों में आवेदक को संबंधित विवाद के समाधान के लिए सक्षम न्यायालय अथवा सक्षम वैधानिक प्राधिकारी से आवश्यक आदेश या घोषणा प्राप्त करनी होगी। पंचायती राज विभाग के निदेशक राघव शर्मा ने सभी पंचायत सचिवों को निर्देश दिए हैं कि ऑनलाइन परिवार रजिस्टर में किसी भी प्रकार का नाम परिवर्तन करने से पहले मूल दस्तावेजों अथवा उनकी विधिवत प्रमाणित प्रतियों की जांच की जाए। पंचायत सचिव को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि प्रस्तुत दस्तावेज उसी व्यक्ति से संबंधित हैं जिसका नाम बदला जाना है। प्रत्येक आवेदन को नाम की सामान्य त्रुटि में सुधार अथवा नाम के मूल परिवर्तन की श्रेणी में स्पष्ट रूप से वर्गीकृत करना होगा। इसके अतिरिक्त संबंधित दस्तावेजों का विवरण और दस्तावेज संख्या रिकॉर्ड में दर्ज की जाएगी।