बेहद शर्मनाक: स्वतंत्रता सेनानी की बेटी के साथ ऐसा व्यवहार, मांगा जा रहा ये सबूत
पिछले 14 महीने से कार्यालय से लेकर जिला मुख्यालय तक का चक्कर लगा-लगा कर थक चुकी हैं.
समस्तीपुर. स्वतंत्रता संग्राम (Freedom Struggle) में देश के लिए जिन्होंने अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया आज उनकी बेटी से ही बेटी होने का सबूत मांगा जा रहा है. जिस परिवार को जिला प्रशासन द्वारा मान सम्मान दिया जाना चाहिए था, आज वह परिवार अपनी पहचान साबित करने के लिए दर-दर की ठोकरें खा रहा है. मामला समस्तीपुर जिले के रोसड़ा अनुमंडल क्षेत्र के भिरहा गांव का है जहां स्वतंत्रता सेनानी रामसुदिष्ट राय (Freedom Fighter Ramsudishta Roy) की बेटी मंजीरा झा को जिला प्रशासन द्वारा उत्तराधिकार प्रमाण पत्र (Succession Certificate) नहीं दिया जा रहा है. पिछले 14 महीने से रोसड़ा अंचल कार्यालय से लेकर जिला मुख्यालय तक का चक्कर लगा-लगा कर थक चुकी हैं.
बता दें कि स्वतंत्रता सेनानी के दो पीढ़ियों को राज्य सरकार के सेवाओं में दो प्रतिशत का क्षैतिज आरक्षण प्राप्त होता है. इसको देखते हुए उन्होंने अपने पुत्र के साथ जिलाधिकारी को उत्तराधिकार प्रमाण पत्र के लिए दो वर्ष पूर्व आवेदन दिया. जिसकी जांच का जिम्मा जिला से रोसड़ा अंचलाधिकारी अम्बपाली यादव को सौंपा गया. यहां उनसे स्वतंत्रता सेनानी के बेटी होने का सबूत मांगा गया.
न्यूज़ 18 की रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने सबूत के तौर पर बिहार बोर्ड के दसवीं का सर्टिफिकेट, बारहवीं के एडमिट कार्ड, आधार कार्ड के साथ साथ शपथ पत्र भी दिया, लेकिन इसे मान्यता नहीं दी गई. फिर उन्हें वंशावली पेश करने को कहा गया. उन्होंने वंशावली भी जमा किया, लेकिन उसके बाद भी उन्हें उत्तराधिकार प्रमाण पत्र के लिए लगातार दौड़ाया जा रहा है.
बता दें कि वर्ष 2016 के बिहार सरकार के गजट के मुताबिक बिहार राज्य के पेंशन प्राप्त स्वतंत्रता सेनानियों के दो पीढ़ी तक उत्तराधिकार प्रमाण पत्र निर्गत करने एवं उनके सभी उत्तराधिकारियों पोता-पोती, नाती-नतिनी को राज्य सरकार की सेवाओं में नियुक्ति में दो प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण प्रदान करने का आदेश दिया गया था. स्वतंत्रता सेनानी के पारिवारिक सदस्यों को उत्तराधिकार प्रमाण पत्र निर्गत करने के लिए सभी जिला पदाधिकारी को अधिकृत किया गया था.