विदेश मंत्री जयशंकर ने मंगोलिया राष्ट्रपति से की मुलाकात

अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय मुद्दों

Update: 2025-10-13 14:47 GMT
New Delhi. नई दिल्ली। भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने मंगोलिया के राष्ट्रपति खुरेलसुख उखना से नई दिल्ली में मुलाकात की, जिससे भारत की राजकीय यात्रा का शुभारंभ हुआ। इस बैठक का उद्देश्य दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूती देना और क्षेत्रीय और वैश्विक सहयोग को बढ़ावा देना बताया गया। जयशंकर ने अपने ट्वीट में कहा कि मंगोलिया के राष्ट्रपति ने भारत के साथ साझेदारी को लेकर गर्मजोशी भरी प्रतिक्रियाएं दी हैं। उन्होंने लिखा, "आध्यात्मिक पड़ोसियों और वैश्विक दक्षिण के सदस्यों के रूप में, हमारी रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने के उनके गर्मजोशी भरे विचारों की सराहना करता हूँ। मुझे विश्वास है कि कल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी बातचीत हमारी दोस्ती के अगले दशक के लिए एक दूरदर्शी दिशा तय करेगी।

विदेश मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, इस मुलाकात में दोनों पक्षों ने अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय मुद्दों, आर्थिक सहयोग, निवेश के अवसरों, सांस्कृतिक एवं तकनीकी सहयोग और वैश्विक दक्षिण के हितों के संवर्धन पर विस्तार से चर्चा की। बैठक में यह भी तय किया गया कि भारत और मंगोलिया के बीच राजनयिक, व्यापारिक और रक्षा संबंधों को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए साझा पहलें की जाएंगी। मंगोलिया के राष्ट्रपति खुरेलसुख उखना ने भारत को अपनी यात्रा का प्रमुख स्थल चुने जाने के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों को याद करते हुए कहा कि यह साझेदारी न केवल क्षेत्रीय स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि वैश्विक मंच पर भी दोनों देशों की भागीदारी को मजबूत करती है। 

विदेश मंत्री जयशंकर और मंगोलिया के राष्ट्रपति के बीच हुई यह मुलाकात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ कल होने वाली बैठक के लिए मार्गदर्शक साबित होगी। इस बैठक के दौरान व्यापार, तकनीकी सहयोग, ऊर्जा सुरक्षा और रक्षा साझेदारी जैसे कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से विचार-विमर्श होने की संभावना है। विशेषज्ञों का कहना है कि भारत-मंगोलिया रणनीतिक साझेदारी आर्थिक और सुरक्षा क्षेत्रों में दोनों देशों के लिए नई संभावनाओं का द्वार खोलेगी। इसके अलावा, वैश्विक दक्षिण के मंच पर दोनों देशों की सक्रिय भागीदारी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनकी कूटनीतिक स्थिति को भी मजबूत करेगी।  

इस यात्रा के दौरान, जयशंकर मंगोलिया के साथ समझौता ज्ञापनों (MOUs) और व्यापारिक सहयोग के नए अवसरों पर भी चर्चा करेंगे। इसके अलावा, शिक्षा, विज्ञान और तकनीकी नवाचार के क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ावा देने के लिए दोनों देशों के प्रतिनिधियों की बैठकों की संभावना है। राजकीय यात्रा का यह पहलू दर्शाता है कि भारत वैश्विक कूटनीति में सक्रिय भूमिका निभा रहा है और अपने पड़ोसी देशों के साथ मजबूत संबंध स्थापित करने के लिए सतत प्रयास कर रहा है। दोनों नेताओं की यह मुलाकात आगामी वर्षों में भारत-मंगोलिया संबंधों को नई दिशा और गति प्रदान करने वाली मानी जा रही है। विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि यह यात्रा दोनों देशों की दोस्ताना साझेदारी और सहयोग की भावना को और मजबूत करेगी, साथ ही व्यापार, निवेश और तकनीकी सहयोग के नए रास्ते खोलेगी।
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