बैंकिंग सुरक्षा को और मजबूत बनाने पर जोर, राज्य स्तरीय सुरक्षा समिति की 21वीं बैठक सम्पन्न
Dehradun. देहरादून। उत्तराखंड में बैंकिंग अवसंरचना, करेंसी चेस्ट और नकदी के सुरक्षित परिवहन की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से शुक्रवार को सचिवालय में राज्य स्तरीय सुरक्षा समिति (SLSC) की 21वीं बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता सचिव गृह शैलेश बगौली ने की। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) कानपुर की ओर से आयोजित इस उच्चस्तरीय बैठक में राज्य प्रशासन, कानून प्रवर्तन एजेंसियों, करेंसी चेस्ट संचालित करने वाले बैंकों और प्रदेश में व्यापक शाखा नेटवर्क वाले अन्य बैंकों के वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया। बैठक में आरबीआई कानपुर, देहरादून और केंद्रीय कार्यालय मुंबई के अधिकारी भी शामिल हुए।
बैठक के दौरान बैंकिंग संस्थानों के सामने आने वाली सुरक्षा संबंधी चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की गई। खास तौर पर करेंसी चेस्ट की सुरक्षा और नकदी के सुरक्षित परिवहन के दौरान अपनाई जाने वाली व्यवस्थाओं को अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया। इसके साथ ही जाली भारतीय मुद्रा नोट से जुड़े मामलों पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने बैंकिंग प्रणाली की सुरक्षा को बेहतर बनाने के लिए विभिन्न संस्थाओं के बीच सूचनाओं के समय पर आदान-प्रदान और आपसी समन्वय को महत्वपूर्ण बताया।
बैठक में कहा गया कि राज्य स्तरीय सुरक्षा समिति बैंकों, सुरक्षा सेवाएं उपलब्ध कराने वाली एजेंसियों और इन सेवाओं का उपयोग करने वाले संस्थानों के बीच समन्वय स्थापित करने के लिए महत्वपूर्ण मंच है। इस व्यवस्था के माध्यम से बैंकिंग क्षेत्र से जुड़ी सुरक्षा चुनौतियों की पहचान कर उनके समाधान के लिए संयुक्त स्तर पर कदम उठाए जा सकते हैं। बैठक में करेंसी चेस्ट की मौजूदा सुरक्षा व्यवस्था और नकदी के आवागमन से संबंधित पहलुओं की भी समीक्षा की गई। संबंधित अधिकारियों और बैंक प्रतिनिधियों ने सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए अपने सुझाव साझा किए।
सभी हितधारकों ने बैंकिंग अवसंरचना, करेंसी चेस्ट और नकदी परिवहन से जुड़ी सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए निरंतर सहयोग की जरूरत पर जोर दिया। साथ ही सुरक्षा एजेंसियों और बैंकिंग संस्थानों के बीच सूचना साझाकरण को अधिक प्रभावी बनाने पर सहमति जताई गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य राज्य में बैंकिंग सुरक्षा से जुड़े विभिन्न पक्षों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना और करेंसी चेस्ट से लेकर नकदी परिवहन तक सुरक्षा तंत्र को अधिक सुदृढ़ बनाना रहा।