Jamnagar जामनगर। गुजरात सरकार ने स्कूल छोड़ चुके बच्चों को दोबारा शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से 'समरस विद्या सेतु' अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत राज्यभर में ड्रॉपआउट बच्चों की पहचान कर उनका दोबारा स्कूलों में नामांकन कराया जाएगा। जामनगर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मंत्री रिवाबा जडेजा ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेंद्र भाई पटेल के नेतृत्व में यह अभियान पूरे गुजरात में चलाया जा रहा है और अगले लगभग एक महीने तक सभी जिलों में विशेष अभियान के रूप में संचालित होगा।
रिवाबा जडेजा ने कहा कि अभियान का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि राज्य का कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। उन्होंने बताया कि प्रशासन, शिक्षा विभाग, स्थानीय निकायों और समाज के सहयोग से ऐसे बच्चों की पहचान की जा रही है, जिन्होंने किसी कारणवश पढ़ाई बीच में छोड़ दी है। उन्हें दोबारा विद्यालयों में प्रवेश दिलाने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने जामनगर जिले की प्रगति का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2022 में जिले का स्कूल ड्रॉपआउट अनुपात लगभग 4.87 प्रतिशत था, जिसे लगातार प्रयासों के बाद घटाकर 1.87 प्रतिशत तक लाया गया है। उन्होंने इसे शिक्षा विभाग और स्थानीय प्रशासन की संयुक्त पहल का सकारात्मक परिणाम बताया।
रिवाबा जडेजा ने लोगों से अपील की कि वे अपने आसपास ऐसे बच्चों की जानकारी प्रशासन को दें, जो किसी कारणवश स्कूल नहीं जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा प्रत्येक बच्चे का मौलिक अधिकार है और समाज की भी जिम्मेदारी है कि हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का अवसर मिले। मंत्री ने विश्वास जताया कि 'समरस विद्या सेतु' अभियान के माध्यम से ड्रॉपआउट दर में और कमी आएगी तथा अधिक से अधिक बच्चों को फिर से शिक्षा से जोड़ा जा सकेगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा के क्षेत्र में सुधार और बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए लगातार प्रयास कर रही है।