दिल्ली। भारत निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूची को लेकर बड़ा फैसला लिया है। आयोग ने देश के 14 राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूची का विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SSR) कराने का निर्देश दिया है। इस प्रक्रिया के तहत मतदाता सूची में नए नाम जोड़े जाएंगे, गलत जानकारियों को सुधारा जाएगा और अपात्र मतदाताओं के नाम हटाने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। आयोग का उद्देश्य मतदाता सूची को सटीक और अद्यतन बनाना है।
 
17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में चलेगा अभियान
चुनाव आयोग के अनुसार, इस प्रक्रिया में असम, बिहार, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, केरल, मध्य प्रदेश, मणिपुर, पंजाब, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल शामिल हैं।
इसके अलावा अंडमान-निकोबार द्वीप समूह, लक्षद्वीप और पुडुचेरी में भी मतदाता सूची का पुनरीक्षण किया जाएगा।
 
SIR वाले राज्यों के लिए अलग कार्यक्रम
आयोग ने स्पष्ट किया है कि जिन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया चल रही है या हाल ही में पूरी हुई है, वहां मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण का कार्यक्रम बाद में घोषित किया जाएगा।
हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के लिए भी कार्यक्रम अलग से जारी किया जाएगा।
12 नवंबर को आएगी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट
घोषित कार्यक्रम के अनुसार, 12 नवंबर 2026 को मतदाता सूची का प्रारूप प्रकाशित किया जाएगा। इसके बाद 11 दिसंबर तक मतदाता अपने दावे और आपत्तियां दर्ज करा सकेंगे।
अंतिम मतदाता सूची 4 जनवरी 2027 को प्रकाशित किए जाने का कार्यक्रम है। इस अभियान के लिए 1 जनवरी 2027 को पात्रता की आधार तिथि निर्धारित किया गया है।
 
मतदाताओं के लिए जरूरी जानकारी
जिन पात्र नागरिकों का नाम मतदाता सूची में नहीं है, वे नाम जुड़वाने के लिए आवेदन कर सकेंगे। इसके अलावा नाम, पता और अन्य विवरणों में गलतियों को भी सुधारा जा सकेगा।
आयोग ने संबंधित अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं कि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची से वंचित न रहे और अपात्र व्यक्ति का नाम सूची में शामिल न हो।
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