बुजुर्ग महिला की गला-पैर काटकर हत्या, दो हत्यारो को मिली उम्रकैद की सजा
10 साल पुराने केस में अब मिला न्याय
Tonk. टोंक। राजस्थान के टोंक जिले में 10 वर्ष पुराने बहुचर्चित हत्याकांड में अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए दो दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। यह मामला बुजुर्ग महिला भूरी बेगम की गला काटकर हत्या और पैर काटकर चांदी के कड़े लूटने से जुड़ा है। गुरुवार को अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश महावीर महावर ने फैसला सुनाते हुए कहा कि पीड़ित को न केवल न्याय मिलना चाहिए, बल्कि न्याय होते हुए दिखना भी चाहिए। अदालत ने दोनों दोषियों पर 25-25 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। वहीं एक आरोपी को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया, जबकि एक अन्य आरोपी अब भी फरार है।
घटना 26 जून 2016 की है। अभियोजन के अनुसार, भूरी बेगम अपने घर में अकेली थीं, तभी आरोपियों ने घर में घुसकर उनकी निर्मम हत्या कर दी। हत्या के बाद आरोपियों ने महिला के दोनों पैर टखनों के पास से काट दिए और पैरों में पहने चांदी के कड़े लेकर फरार हो गए। इस जघन्य वारदात ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया था। सरकारी वकील प्रदीप कुमार साहू ने बताया कि मामले की शुरुआत दूनी थाने में दर्ज रिपोर्ट से हुई। रिपोर्टकर्ता साकिर हुसैन को उसके रिश्तेदार ईद मोहम्मद का फोन आया कि उसकी मां भूरी बेगम कुएं पर नहीं पहुंची हैं। जब साकिर हुसैन घर पहुंचे और आवाज दी, तो अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। संदेह होने पर उन्होंने दीवार फांदकर घर में प्रवेश किया, जहां भूरी बेगम का शव खून से लथपथ हालत में पड़ा मिला। शव की स्थिति देखकर स्पष्ट था कि हत्या बेहद क्रूर तरीके से की गई थी।
पुलिस ने जांच के दौरान वैज्ञानिक साक्ष्य और गवाहों के आधार पर आरोपियों की पहचान की। कुछ दिनों बाद तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ न्यायालय में चालान पेश किया गया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 20 गवाहों और 42 दस्तावेजों के जरिए आरोप सिद्ध किए। अदालत ने सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रखा और गुरुवार को निर्णय सुनाया। अदालत ने मालपुरा थाना क्षेत्र के घाटी रेबारियों की बाड़ी निवासी सीताराम और रामनिवास उर्फ काल्यो को दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। तीसरे आरोपी अम्बालाल को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया गया। वहीं भीलवाड़ा जिले के टिगड़गढ़ निवासी प्रभुलाल अब भी फरार है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस प्रयासरत है।
फैसले के बाद भूरी बेगम के इकलौते बेटे ईद मोहम्मद कायमखानी ने भावुक प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर शुरू से भरोसा था। उन्होंने पुलिस से फरार आरोपी को जल्द पकड़ने की मांग की, ताकि वह कानून के शिकंजे से बच न सके। न्यायाधीश ने अपने आदेश में टिप्पणी करते हुए कहा कि घर जैसी सुरक्षित जगह पर इस तरह का अपराध समाज के लिए गंभीर चिंता का विषय है। विधि का उद्देश्य समाज को सुरक्षित करना और अपराधियों में भय स्थापित करना है। अदालत के इस फैसले को न्याय और कानून के प्रति सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है।